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शहर में सफाई के लिए चल रहे दो अभियान, फिर भी गंदगी

3 वर्ष पहले
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स्वच्छ सर्वेक्षण खत्म होते ही डेढ़ माह में ही निगम अफसरों की शहर की स्वच्छ रखने की खुमारी उतर गई। शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के आदेश पर शहर में एक नहीं बल्कि दो स्वच्छता अभियान चल रहे हैं। मेयर शकुंतला राजलीवाला ने पार्षदों सहित शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सड़क पर झाडू लगाने के साथ ही मेयर ने अपने स्तर पर शहर की स्वच्छता का सच भी जाना। सच हैरानी भरा था कि दो बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद भी शहर में विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर हैं। शहर की कई स्लम बस्तियों में तो हालात ये हैं कि कई दिन तक सफाई कर्मचारी वहां आते ही नहीं। ऐसे में मेयर ने निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और कार्य करने की सलाह दी। निगम प्रशासन ने बुधवार को शहरी स्वराज अभियान के तहत सफाई कार्य किया। जिसमें आईजी चौक से लेकर ग्रीन पार्क तक सफाई कार्य किया गया। मेयर शकुंतला राजलीवाला सहित सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी, डिप्टी मेयर भीम महाजन, रेखा ऐरन, रेखा सैनी व पार्षद नरेंद्र शर्मा सहित ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर यादव, एसई रामजीलाल और सीएसआई सुभाष सैनी व उनके स्टाफ ने झाड़ू लगाई। अभियान 5 मई तक चलाया जाएगा।

झाडू लगाती मेयर शकुंतला राजलीवाला व डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद रेखा ऐरन व नरेंद्र शर्मा।

1. शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा की ओर से जारी आदेशानुसार “विशेष स्वच्छता अभियान’ 2 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलना है। बरसात के मौसम से पहले शुरू किए गए इस अभियान में सड़कें, खुले मैदान, बरसाती नाले, पार्क इत्यादि में सफाई होनी है। अभियान की शुरुआत पर स्कूली बच्चों सहित हर नागरिक को स्वच्छता पर जागरूकता फैलाने वाली गतिविधियां संचालित करनी होंगी। इसके लिए सार्वजनिक स्थानों व बाजारों में साइन बोर्डों के माध्यम से साफ-सफाई के लिए संदेश प्रदर्शित करना होगा।

ये दो अभियान जिनका नहीं हो रहा असर

2. शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से महानिदेशक ने “शहरी स्वराज अभियान’ चलाने के आदेश दिए। अभियान 18 अप्रैल और 5 मई से तक चलाया जाएगा। साथ ही अभियान के तहत किए गए कार्यों की दैनिक रिपोर्ट से भी निदेशालय को अवगत करवाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सभी आमजन को सफाई से जोड़कर शहर को स्वच्छ बनाना है।

2 साल में भी खर्च नहीं हुए 1.56 करोड़ रुपए

फरवरी 2016 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम प्रशासन को स्वच्छता पर खर्च करने के लिए 1.56 करोड़ की राशि मिली थी। मेयर व पार्षदों ने हाउस की बैठकों में अधिकारियों की क्लास लगाई तो दो साल अधिकांश राशि खर्च तो हुई, लेकिन उसका असर आज भी शहर में नजर नहीं आ रहा है। डाेर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 10 ई-रिक्शा खरीदी जो कई दिनों से निगम में धूल फांक रही हैं।

मेरे वार्ड में राम नगर, गीता काॅलोनी, अमन नगर, श्रीनगर, न्यू जवाहर नगर, तरसेम नगर, विशाल नगर, दीप नगर सहित कई ऐसे कालोनी है जिसमें कई दिनों तक सफाई ही नहीं होती। जागरूकता अभियान तो दूर रहा। अनीता रानी वार्ड-9 की पार्षद।

स्वच्छता के प्रति कहां जागरूकता फैला रहे है मुझे तो पता नहीं। लगता अधिकारियों के घर के आसपास या निगम में ही स्वच्छता जागरूकता अभियान चल रहा है। सरकार कोई तो अपने स्तर पर अभियान की मॉनिटरिंग करवाए, ताकि सच सामने आए। अजीत सिंह, वार्ड-10, पार्षद।

शहर में बरसाती नाले की सफाई करवाई गई है। बुधवार को आईजी चौक से ग्रीन पार्क तक सफाई की गई है। टीम फील्ड में कार्य कर रही है। चालकों की भर्ती की कागजी प्रक्रिया जारी है। चालक आते ही मई में ई-रिक्शा फील्ड में उतार कर डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाएगा। सुभाष सैनी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम हिसार।

स्वच्छता अभियान का असर नजर नहीं अा रहा

नगर में चल रहे दो स्वच्छता अभियान का असर नजर नहीं आ रहा है। शहर में विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढेर आम देखे जा सकते हैं। शहर स्वच्छ तभी होगा जब अधिकारी टीम के साथ फील्ड में पहुंचकर नियमित सफाई में ध्यान देंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। अफसर स्वच्छता के प्रति कितने संजीदा हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ई-रिक्शा खरीदे कई दिन हो चुके हैं लेकिन वे निगम में धूल फांक रही हैं। शकुंतला राजलीवाला, मेयर, नगर निगम हिसार।

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