कर्ज से परेशान हिसार के सेक्टर 14 के लोन एजेंट ने होटल में की आत्महत्या
सेक्टर 14 में रहने वाले 30 वर्षीय लोन एजेंट मनोज उर्फ मोनू चावला ने जिंदल अस्पताल रोड स्थित होटल में कमरा किराये पर लेकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना का शनिवार दोपहर 12 बजे पता चला, जब उसने रूम से चेक आउट नहीं किया तो होटल स्टाफ को अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन थाना से एक टीम ने मौके पर पहुंच कमरा खुलवाया तो शव फंदे से झूल रहा था। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें अपनी मौत का जिम्मेदार डोगरान मोहल्ला के पास पत्थरों वाली गली वासी संजय उर्फ छोटू गोच्ची को ठहराया है। आरोप है कि करीब 20 लाख रुपए उधार लेने के बाद वह वापस नहीं लौटा रहा था, जिस वजह से उसने प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के भाई पंकज के बयान पर उक्त युवक के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतक दो भाई थे, जिनमें बड़ा पंकज है। पहले मुलतानी चौक क्षेत्र में रहते थे। हाल ही में पिछले डेढ़ साल से सेक्टर 14 में रह रहे हैं। वहीं पर दफ्तर भी खोला हुआ है।
मेहनत से रुपए कमाए थे, छोटू ने उधार लेकर नहीं लौटाए...
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मैं मनोज उर्फ मोनू चावला सेक्टर 14 का रहने वाला हूं। वह सुसाइड कर रहा है। इसका जिम्मेदार छोटू उर्फ गोच्ची है। वह उसके पैसे खा गया है। उसका घर पत्थरों वाली गली में है। 20 लाख रुपए लेने हैं, जिनमें से 11 लाख रुपए उसे दिए थे, जोकि मेरी मेहनत की कमाई थी। जीजा से 5 लाख, अरूण से 2 लाख सहित अन्यों से रुपए उधार लेकर उसे दिए थे ताकि काम धंधा सेट कर सके। अब उससे रुपए मांगे तो लौटाने से इंकार कर दिया। वह काफी परेशान हो चुका है, जिसके कारण अपनी जान दे रहा हूं।
मौके से नहीं मिले मोबाइल
पुलिस को होटल मालिक भूपेंद्र ने सूचना दी थी। शुक्रवार को मनोज उर्फ मोनू ने होटल में कमरा बुक किया था। उसने रात को खाना खाया था। उसकी होटल में आने की फुटेज सीसीटीवी कैमरों में कैद है। उसके अलावा कोई और साथ नहीं आया था। पुलिस का मानना है कि फोन बरामद होने पर मामले संंबंधित कई राज पर से पर्दा उठ सकता है।
इस मामले में छोटू उर्फ गोच्ची के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। \\\'\\\' - दयानंद, जांच अधिकारी सिविल लाइन थाना