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शहर से सटी चंदन नगर की ढाणियों में 50 बरसों बाद पहुंची बिजली

3 वर्ष पहले
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जिला मुख्यालय से करीब 10 किलाेमीटर दूर स्थित पिछले लगभग 50 वर्षों से अंधेरे में रह रही चंदन नगर की दर्जनभर ढाणियों के निवासियों के लिए रविवार का दिन उजाला लेकर आया। बिजली कनेक्शन मिलने के बाद ढाणियों के लोगों में खुशी का माहौल है। यह सुविधा शुरू करने पर खर्च छह लाख रुपये आया है और जिसे ग्राम पंचायत ने उठाया है।

सरपंच सतेंद्र ने बताया कि चंदन नगर के संजय नगर में दर्जनभर ढाणियों के लोग पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ स्थानीय विधायकों व सांसदों के सामने ढाणियों में बिजली लगवाने की गुहार लगा चुके थे। मगर किसी ने भी ग्रामीणों की इस पीड़ा को नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पंचायत ने इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों से बात की। मगर अधिकारियों ने खर्च का हवाला दिया और कनेक्शन देने से इनकार कर दिया। अब पंचायत फंड से ट्रांसफार्मर व बिजली तार व केबल बिछा कर हर ढाणी तक बिजली पहुंचाई गई।

बच्चे पूछते थे- हमारे घर कब चलेगा पंखा

ग्रामीण लक्ष्मण ने कहा कि लाइट न होने के कारण रात के समय बच्चे तो आगे नहीं पढ़ सके, मगर अब पोते पोती जरूर पढ़ेंगे। रामचंद्र ने कहा कि हमारे तो पिताजी व माताजी लंबे समय से यहां ढाणियों में रह रहे थे, बचपन से ही बिजली की बाट जोह रहे थे। ग्रामीण रामकुमार ने कहा कि खेतों में बिना लाइट के बच्चे मच्छरों व गर्मी में बिलखते रहते थे और बार बार पूछते थे, हमारे घर कब पंखा चलेगा। इस दौरान मीटिंग में पंच जयपाल, सुनील, बलराज, चंदगीराम, रमेश, अजमेर, तेजभान, सुनीता, वीना, अमरपति, इंद्रो, बीरमति, राजेश सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वे बिजली को लेकर आशा छोड़ चुके थे, क्योंकि हर कोई नियमों व बजट का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा था। ग्रामीण भी इतना खर्च सहन करने की स्थिति में नहीं थे कि हर ढाणी के लिए 50 से 60 हजार रुपए खर्च कर बिजली लगवाई जाए।

ढाणियों में पहली बार पंखा चलते व बिजली जलती देखकर सरपंच सतेंद्र के साथ परिवार के लोग।

ढाणियों में बिजली के लिए लगे ट्रांसफार्मर के समीप खड़े ग्रामीण खुशी जाहिर करते हुए।

लाइट जलते ही खिले चेहरे

ढाणियों में लाइट पहुंची तो लाइट के साथ-साथ ग्रामीणों के चेहरे भी खिल उठे। अपने बेटे कुलदीप के साथ ढाणी में रह रही बुजुर्ग महिला फूलपति ने कहा कि उन्हें तो विश्वास ही नहीं था कि अपने जीते जी घर में लाइट व पंखा चलते देखेंगी।

अधिकारियों ने खड़े कर दिए थे हाथ, पंचायत प्रस्ताव पास कर लाई बिजली : सरपंच

ढाणियों में करीब 50 साल से बिजली नहीं थी। पंचायत ने अपने स्तर पर अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन बजट न होने के कारण अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। इसलिए उन्होंने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करते हुए पंचायत के खर्च पर ढाणियों तक बिजली पहुंचाई। सतेंद्र सिंह, सरपंच।

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