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स्टूडेंट्स ने जताई नाराजगी, छुट्‌टी लेकर आए थे, मगर सभागार में कुर्सियों पर बैठाकर ही बांट दीं डिग्रियां, स्टेज पर नहीं बुलाया

3 वर्ष पहले
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जीजेयू में मंगलवार को 5वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पिछले तीन वर्षों के स्टूडेंट्स डिग्रियां लेने पहुंचे। गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी स्कॉलर स्टूडेंट्स को ही स्टेज पर बुलाकर डिग्रियां बांटी गई। सभागार में पहुंचे बाकी स्टूडेंट्स को कुर्सियों पर ही डिग्रियां बांटी गई। इस पर छात्रों का कहना है कि 150 रुपए देकर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी उन्हें कुर्सियों पर ही डिग्रियां बांट दी गई। छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह जॉब से तीन दिन की छुट्टियां लेकर समारोह में पहुंचे। मगर वह स्टेज पर आकर डिग्रियां नहीं ले सके। समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों की कहा कि मेरे पास काफी कम समय था। इसलिए दो घंटे का समय निकाल कर कार्यक्रम में शामिल हुआ। सभी विद्यार्थियों को स्टेज पर बुलाकर डिग्रियां देना मुश्किल था। इसलिए सभी विद्यार्थियों को स्टेज पर नहीं बुलाया गया।

विद्यार्थियों ने अपने विभाग में शिकायत की कि उन्हें भी कंट्रोलर ऑफ एग्जाम की ओर से इस बारे में सूचना नहीं भेजी गई। मास कम्युनिकेशन के पूर्व छात्रों ने कहा कि उन्हें दीक्षांत समारोह के बारे में सूचना नहीं भेजी गई। जिस कारण उन्हें समारोह के बारे में पता ही नहीं चल पाया।

2022 तक स्वच्छ व स्वस्थ होगा देश : सोलंकी

राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत 21वीं शताब्दी में नया भारत बनने जा रहा है जो फिर से विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश के नीति आयोग ने लक्ष्य निर्धारण किया है कि 2022 तक भारत एक ऐसा देश होगा, जो स्वच्छ व स्वस्थ होगा, जिसमें सौहार्द होगा, सम्पन्न व सुरक्षित होगा और 2047 तक भारत फिर से विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो जाएगा। बाबा साहेब अम्बेडकर ने संविधान को देश को समर्पित करते हुए कहा था कि संविधान की सफलता और असफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसको लागू करने वाले और अनुपालना करने वाले लोग कैसे हैं।

हौसलों से होती है उड़ान : शर्मा

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। ये पंक्तियां शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने दीक्षांत समारोह के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में कहीं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उपाधि के साथ जिम्मेदारी भी आती है। हम विदेशों में न जाकर अपने ही देश के विकास में योगदान दें।

स्वच्छ पर्यावरण के लिए बनाई एप

केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण से जुड़े 500 से ज्यादा कर्तव्यों की एक सूची तैयार की है। इन अच्छे कर्तव्यों का पालन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक एप बनाया है। जिसमें इन कर्तव्यों की लिस्ट दी गई है। इनमें छोटी-छोटी स्वच्छता संबंधी बातें हैं जो जीवन में अपनाने से पर्यावरण को काफी हद तक स्वच्छ रखेगी।

इन्हें मिली मानद उपाधि

विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन तथा नालंदा विश्वविद्यालय के चांसलर डाॅ. विजय भटकर पदमभूषण को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधियां प्रदान कीं।

बेटियों को दिया बढ़ावा

जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के चलते विश्वविद्यालय को कई प्रकार की स्वायतत्ताएं दी गई हैं। विश्वविद्यालय में विदेशी शिक्षकों को हायर करने की स्वायत्तता मिली है। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने 20 से अधिक विदेशी छात्रों का नामांकन किया है। विश्वविद्यालय को अधिकतम एच-इंडैक्स 70 प्राप्त है।

कार्यक्रम में एसपी मनीषा चौधरी और डीसी अशोक कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग व स्टूडेंट्स।

सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर राज्यपाल हेलिकॉप्टर से एयरपोर्ट पहुंचे।

राज्यपाल 11.15 बजे तक जीजेयू सभागार में पहुंचे।

जीजेयू के 100 से अधिक पूर्व छात्रों को काफी देर तक एंट्री नहीं मिली। मौके पर मौजूद गार्ड ने कहा कि छात्र सेल्फी ले रहे थे इसलिए लेट हो गए। हालांकि बाद में टीचर्स के कहने पर इन्हें एंट्री दी गई।

गोल्ड मेडलिस्ट व पीएचडी स्कॉलर को स्टेज पर बुलाकर डिग्रियां बांटी गईं।

अन्य छात्रों को ग्रुप में बैठाकर डिग्रियां दी गईं, वहीं उनकी फोटो ली गई।

दीक्षांत समारोह के लिए सफेद कलर की पोशाक का ड्रेस कोड लागू किया गया।

वीसी सहित सभी अतिथि भी सफेद पोशाक व मेहरून जैकेट में नजर आए।

2.15 पर राज्यपाल ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

शिक्षामंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि अबकी बार बेटियों के साथ हमारा बलराज पूनिया भी मेडल लेकर आया है।

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