बास के पास मोहला गांव से दो दर्जन ग्रामीण शुक्रवार को लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन देकर बताया कि गांव की सीमा पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। हाल यह है कि शराब ठेकेदार आए दिन घरों में घुसकर किसी को भी पीटने लगते हैं, रात को 12 बजे के बाद गलियों में हथियार, तलवारें लहराकर ग्रामीणों में भय बनाते हैं। हालत यह है कि इन असमाजिक तत्वों का विरोध करने वालों को पुलिस का भी संरक्षण मिला हुआ है। कोई विरोध करते तो उस पर झूठे मुकदमे लगाकर डराया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई कर अवैध शराब की बिक्री रुकवाने व असमाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की।
शराब मुक्त गांव है मोहला
बास तहसील के गांव मोहला की पंचायत ने कुछ समय पूर्व प्रशासन को गांव में शराब बैन कराने के लिए प्रस्ताव दिया था। इस मांग पर सरकार ने शराब मुक्त गांव घोषित भी कर दिया। अब गांव में तो शराब नहीं बिक रही मगर कुछ असमाजिक तत्व लगातार अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आबकारी विभाग को इस बाबत शिकायत की है।