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पढ़िए : श्मशान भूमि में चारदीवारी, पानी का प्रबंध, शेड लगवाने और रास्ता बनवाने की ऐसे हुई थी घोषणा

3 वर्ष पहले
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2 अप्रैल को सेक्टर 14 में सीएम ने श्मशानघाटों को सुधारने की सुनाई थी कहानी बच्चों की श्मशानभूमि पर 17 अवैध दुकानें बना रसूखदारों ने लिख दी नई कहानी

भास्कर न्यूज | हिसार

मेरे पुराना जानकार मेरे पास आया। मुझसे बोला कि गांव के लोग मुझे कहते हैं कि मुख्यमंत्री आपके जानकार हैं। सरकार भी आपकी है। जब बरसात आती है तो गांव के श्मशानघाट का रास्ता खराब हो जाता है, शव लेकर जाते हैं तो कीचड़ में से जाना पड़ता है। श्मशान में कोई शेड भी नहीं है बरसात आती है लकड़ी गीली हो जाती हैं। शव का दाह संस्कार भी ठीक से नहीं कर सकते। जहां बच्चों का शव दफनाया जाता है वहां चारदीवारी नहीं होने के कारण कुत्तों से रखवाली करनी पड़ती है। श्मशान में पानी की व्यवस्था भी नहीं है, हमारे यहां श्मशान घाट में तो कुछ भी नहीं है। यह काम हमारा करवा दीजिए सब कुछ ठीक हो जाएगा। जानकार की बात सुन मैंने विचार किया, कितने ऐसे गांव या शहर हैं जहां ऐसी जरूरत है। सभी डीसी को कहा पता करो कि ऐसे श्मशानघाट कहां हैं और क्या-क्या जरूरत है। फिर घोषणा की आगामी 3 महीने में हर एक गांव, हर एक शहर में 4 जरूरतें चारदीवारी बनेगी, पानी प्रबंध, शेड लगवाया व रास्ता बनवाया जाएगा। इस पर अधिकारियों ने कहा कि 500 करोड़ लगेंगे। मैंने कहा कि 500 क्या 1000 करोड़ लग जाए तो भी यह कार्य किया जाएगा। -( सीएम मनोहर लाल ने पंजाबी धर्मशाला के शिलान्यास पर 2 अप्रैल 2018 को सुनाई थी कहानी)

9 अप्रैल को 4 दिन में अवैध निर्माण गिराने या इस अवधि के बाद बिना नोटिस के गिराने का निगम कमिश्नर ने जारी किया था आदेश, पर कार्रवाई नहीं हुई

समझिए : सीएम ने प्रशासन से डेटा जुटाकर सुधार कार्य करवाए

सीएम ने कार्यकर्ता से श्मशानघाट की समस्या सुनी और प्रदेशभर के गांव व शहरों के श्मशानघाट की समस्या के सुधार के लिए आदेश दिए। सीएम के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा की ओर से प्रदेश के सभी डीसी, सिटीएम सहित निगम, परिषद व पालिकाओं के ईओ व सचिव को श्मशानघाट व कब्रिस्तान के संबंध में सूचना मांगी और सुधार का कार्य शुरु करवाया। उधर जिस दिन एक तरफ सीएम श्मशान के सुधार की बातें रहे थे दूसरी तरफ वहां से चंद कदमों की दूरी पर श्मशानभूमि पर अवैध निर्माण को नोटिस जारी हुआ। कहानी सुनाने के 44 दिन के बाद सीएम का फिर हिसार में कार्यक्रम है। सीएम के आगमन के बाद 9 अप्रैल को निगम कमिश्नर ने ये अवैध दुकानें गिराने के आदेश दिए लेकिन निर्माण गिराने की कार्रवाई कागजों तक ही सिमट गई।

जानिए : जिनको हटवाना था अवैध निर्माण, उन जिम्मेदारों की कार्रवाई कागजों तक ही सिमटी

सीएम ने यह कहानी 2 अप्रैल को सेक्टर-14 में सुनाई। उसी सेक्टर-14 की सीमा के साथ लगते बच्चों की श्मशानभूमि में शहर के चंद रसूखदारों की मदद से एक नई कहानी ही लिख डाली। सीएम श्मशानभूमि में सुधार के लिए कर्ज तक लेने को तैयार हो गए, वहीं हिसार में बच्चों की श्मशानभूमि पर 17 अवैध दुकानें बनाकर कब्जे की तैयारी हो गई। सीएम ने ही बस स्टैंड के पीछे गेट खोलने की घोषणा की तो उसी रास्ते पर ये दुकानें बनाई गई। यानि गेट खुलने से इनकी कीमत रातों रात कई गुणा बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में हिसार के श्मशान पर सुधार की नहीं कब्जे की कहानी लिख डाली। लोगों ने शिकायत की तो जिन अधिकारियों को कार्रवाई करनी थी वे कब्जे को हटाने की बजाए कागजी कार्रवाई तक ही सिमट गए।

बच्चों की श्मशानभूमि पर बनाई गई 17 दुकानें।

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