काजला गांव में तीन साल पहले गांव के पवन की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अतिरिक्त सेशन जज आरके जैन की अदालत ने गुरुवार को तीन दोषियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 3 लाख 16 हजार 500 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए बतौर मुआवजा देने के भी आदेश भी किए हैं।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार काजला निवासी आनंद की शिकायत पर 8 फरवरी 2015 को अग्रोहा थाना में हत्या, हत्या प्रयास, शस्त्र अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। आनंद ने पुलिस को बताया था कि 8 फरवरी की शाम 4 बजे वह बाइक पर सवार होकर दुर्जनपुर गांव से काजला जा रहा था। रास्ते में उसे पड़ोसी पवन मिला, जिसने घर तक लिफ्ट ली। दोनों साथ चल दिए। जब घर के पास पहुंचे तो पीछे से बाइक सवार तीन युवक मिर्चपुर वासी सुमित मिर्चपुर, काजला वासी सतीश कुमार, सुंडावास वासी सुनील कुमार उर्फ बागड़ी ने आकर रोक लिया। पवन को नीचे उतारकर उसके साथ मारपीट करने लगे। जब वह बीच-बचाव करने लगा तो पिस्तौल के बट से उसके ऊपर हमला करके घायल कर दिया। इसके बाद पवन के पेट में गोली मार दी। घर के बाहर बैठी पवन की प|ी ने शोर मचा दिया। इसके चलते तीनों बदमाश वहां से फरार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल पवन को अस्पताल में दाखिल करवाया था, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्यारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। हत्या के पीछे घटना से दो पहले हुआ मामूली झगड़ा बताया गया था। मृतक की ओर से आरोपियों 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की शिकायती थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। गुरुवार को अदालत तीनों को सजा सुनाई है।
एडीजे की गाड़ी जलाने में सुमित पहले ही काट रहा सजा
काजला वासी पवन की हत्या में नामजद सुमित जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान एडीजे रविंद्र की गाड़ी जलाने की मामले में भी आरोपी था। यही नहीं उसे इस प्रकरण में अदालत से उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वह जेल में अब दोनों सजाए काटेगा।