1993 में हिसार के जवाहर नगर में रहने वाले सुखबीर सिंह को परिजन अखबार में देखकर बताते हैं कि उनकी बेटी प्रेमलता ने प्रदेश में सर्वाधिक अंक लाकर टॉप किया है, खबर को सुनकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। प्रेमलता चौधरी 96 प्रतिशत अंक लाकर 1993 में हरियाणा बोर्ड से प्रदेश में मेडिकल स्ट्रीम में प्रथम स्थान लाने वाली छात्रा बनीं। उन्होंने भास्कर को बताया कि उन्होंने 10वीं में वेद हाई स्कूल से टॉप किया था, इसके बाद दाखिला सुशीला भवन स्थित गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल में ले दिया। 96 प्रतिशत अंक लाने के लिए उन्होंने 11वीं कक्षा में ही 12वीं का कोर्स पूरा कर दिया था। यही नहीं उस समय सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी जो पढ़ाते वह कॉन्सेप्ट बेहतर समझ आते। इसके बाद प्रेमलता ने एचएयू से वेटरनरी में बैचलर व पोस्ट ग्रेजुएशन की। इसके बाद उनकी शादी दिल्ली हो गईं। आज दिल्ली में वह अपनी खुद की कंपनी में डायरेक्टर हैं। इसके साथ ही उनके काम को लेकर हाल ही में उन्हें ऑस्ट्रिया में जानवरों के ऊपर काम करने को लेकर पुरस्कार से भी नवाजा गया है।