सत्संग से जीवन में शांति की प्राप्ति : स्वामी परमात्मानंद
सत्संग से ही जीवन में शांति की प्राप्ति होती है तथा सत्संग करने वाला व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त होता है। उक्त उदगार आशुतोष आश्रम बृजघाट से पधारे आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी परमात्मानंद सरस्वती महाराज ने सेक्टर 1-4 स्थित परमात्म धाम में व्यक्त किए। सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए स्वामी ने कहा कि जब जीव के भाग्य का उदय होता है, तब उसे जीवन में सत्संग सुनने का सुअवसर प्राप्त होता है। सत शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि जो हमेशा रहता है वह सत है तथा जो कभी रहे कभी न रहे वह असत है। जो सभी देश, सभी काल और सभी पदार्थों में रहता है, उसे सत कहते हैं। सत का कभी नाश नहीं होता। जो सत्य स्वरूप परमात्मा है, उसी का संग करना ही सत्संग है। सत्संग से ही मनुष्य का चिन्तन पवित्र होता है, जिससे आचरण और व्यवहार का भी शुद्धिकरण होता है। व्यक्ति को चिंता न करके परमात्मा का चिंतन करना चाहिए। स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि सत्संग से ही मनुष्य को सच्ची शांति मिलती है। सत्संग ही हमें अच्छे-बुरे के पहचान कराता है।