दि स्कॉलर सोसायटी से जुड़े प्लाॅटधारकों के मामले पिछले सवा साल से चल रहे हैं। सोमवार को जनपरिवाद समिति की बैठक में प्लाॅटधारकों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि समिति की बैठक 11 बजे थी, हमें फोन कर 2 बजे बुलाया जा रहा है। पुलिस हमारे साथ अनुचित व्यवहार कर रही है।
विभाग का पक्ष लेते हुए एसपी ने कहा कि ऐसा नहीं है आप गलत कह रहे हैं। नंबर दीजिए जिसने आपको गलत जानकारी दी है उसके खिलाफ कार्रवाई करूंगी। आक्रोशित लोगों ने कहा कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो आज हमें हाईकोर्ट के स्टे आर्डर के आगे मजबूर नहीं होना पड़ता। वहीं एक सरकारी स्कूल की बिजली काटने पर डीसी ने डीएचवीबीएन के एक्सईएन को शिक्षा विभाग के साथ तालमेल न बनाने पर डीसी ने नाराजगी जाहिर की। इस पर राज्य मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि सरकारी दफ्तरों, विशेषकर जनसेवाओं से जुड़े कार्यालयों के बिजली कनेक्शन उपायुक्त की जानकारी व पूर्व अनुमति न काटे जाएं, क्योंकि इससे आमजन को सेवाएं प्राप्त करने में समस्या आती हैं।
बैठक में 14 समस्याओं की सुनवाई करते हुए 12 मामलों का मौके पर ही समाधान किया।समिति की बैठक के दौरान कैमरी के सरपंच ने शिकायत रखी कि गांव के ढाणी वाले सरकारी स्कूल का बिजली कनेक्शन 10 महीने से कटा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों को दिक्कतें हो रही हैं। डीएचबीवीएन के एसई रजनीश गर्ग ने बताया कि यह कनेक्शन पिछले तीन साल से कटा हुआ है। इस पर राज्यमंत्री ने डीईईओ को बकाया बिल की राशि जमा करवाने तथा बिजली निगम को तुरंत कनेक्शन चालू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन कटने पर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली बाधित होती है जिससे आमजन को दिक्कतें आती हैं। कई बार बिजली बिल भरने में तकनीकी दिक्कतों व स्वीकृति में विलंब के चलते देर हो जाती है लेकिन इसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी सरकारी दफ्तर का कनेक्शन काटने से पहले इसकी सूचना उपायुक्त को दी जाए और उनसे पूर्व अनुमति लेकर ही कनेक्शन काटा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल का इतने लंबे समय से कनेक्शन कटे होने की जांच करवाकर इसके लिए अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। दि हिसार स्कॉलर सहकारी गृह निर्माण सोसायटी के प्लाॅटधारकों द्वारा सोसायटी संचालक कपिला देवी पर धोखाधड़ी के आरोपों और इस पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए सहायक रजिस्ट्रार संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में 20 में से केवल एक शिकायतकर्ता का केस लंबित है।