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रावलवास खुर्द मर्डर केस : मृतक के परिजनों ने लघु सचिवालय पर दिया धरना, रात को भी डटे रहे ग्रामीण

3 वर्ष पहले
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गांव रावलवास खुर्द में 50 वर्षीय वेद प्रकाश की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में तीन और हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का मुअावजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और सुरक्षा की मांग को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के गेट पर धरना दिया। इस दौरान मामले की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस अफसरों ने परिजनों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर रात तक परिवार के सदस्य लघुसचिवालय के गेट पर धरना लगाए रहे। यहीं पर चूल्हे जलाकर खाना बनाया है।

गौरतलब है कि रावलवास खुर्द में करीब एक माह पहले 50 वर्षीय वेद प्रकाश की रामकुमार, उसके साले सहित अन्य आरोपियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक के बेटे अशोक ने आरोप लगाया था कि करीब चार-पांच दिन पहले उसके घर रामकुमार और उसका साला आया था। दोनों ने रात में पिता के साथ शराब पी और वापस चले गए थे। बीच रास्ते में रामकुमार का साला गली में गिर गया और उसके माथे पर चोट लग गई थी। दूसरे दिन रामकुमार ने साले को पीटने का आरोप लगाया था। आरोप है कि रामकुमार व तीन-चार युवक उनके घर आए थे। सभी ने मिलकर पिता के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। उक्त युवकों में से एक युवक ने उसके पिता के सिर में ईंट मारी थी। गंभीर चोट लगने पर पिता वेद प्रकाश बेहोश हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए थे, जहां दम तोड़ दिया था। इस मामले में बालसमंद चौकी में शिकायत देकर रामकुमार समेत पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया था। आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ दो हत्यारोपी पकड़े हैं लेकिन तीन अभी तक गिरफ्त से बाहर है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने

लघु सचिवालय के गेट पर सोमवार दोपहर को रावलवास खुर्द सहित अन्य जिलों के ग्रामीण मृतक वेद प्रकाश के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते हुए पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसके चलते गेट पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। उन्हें पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मानें। परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद, एक सदस्य को नौकरी, सुरक्षा और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रशासन से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सभी ने वहीं डेरा डाल लिया। ऐसे में पुलिस भी तैनात रही। देर रात तक भी सभी आंदोलनकारी धरने पर डटे रहे।

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