पिछले चुनाव में कांग्रेस से भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग शनिवार को फिर कांग्रेस में जाने की तैयारी में हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान में कांग्रेस से राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा शनिवार सुबह बजरंग दास गर्ग के आवास पर पत्रकारों से रूबरू होंगी। इस दौरान बजरंग गर्ग फिर से कांग्रेस में आने की घोषणा कर सकते हैं।
वैसे तो, बजरंग दास गर्ग व्यापारी नेता हैं, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य से देखे तो बजरंग दास कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टी में अपना वजूद बना चुके हैं। हरियाणा में दो बार मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में वह 9 साल से ज्यादा कॉनफेड के चेयरमैन रहे थे। जब 2014 में चुनाव सिर पर थे तो उन्होंने दिल्ली जाकर भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन के सामने भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद न देखकर वह डॉ सुभाष चंद्रा के सहयोगी बन गए। लेकिन टिकट फिर भी नहीं मिला। पिछले साल भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ मंच पर दिखाई दिए थे। वह भाजपा में कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। बजरंग दास गर्ग 1991 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल के साथ आ गए थे। उन्होंने लंबे समय तक चौ. भजनलाल परिवार का साथ दिया। भजनलाल जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थे तो गर्ग ने कैथल से टिकट की फरमाइश की, जो उन्हें नहीं मिल पाई। तब चुनाव के दौरान ही वह भजनलाल का साथ हिसार से चुनाव लड़ रहे ओमप्रकाश जिंदल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव प्रचार में जुट गए। चुनाव के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बने तो वह हुड्डा के करीबी हो गए और कुछ समय बाद ही कॉनफेड के चेयरमैन का पद पाने में सफल रहे थे। यहां यह उल्लेखनीय है कि बजरंग दास गर्ग पिछले तीन साल से व्यापारियों के मुद्देे को उठाकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की मंडियों का दौरा कर व्यापारियों की स्थिति व प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जमकर बात उठाई है।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशााध्यक्ष बजरंग दास गर्ग का कहना है कि कांग्रेसी नेता का उनके घर आना महज एक गेट टू गेदर है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में जरूर थे, लेकिन पार्टी की गतिविधियों में शामिल नहीं होते थे। उनके घर तो हुड्डा या कोई और भी नेता चाय पीने आ सकता है। गर्ग ने कहा कि वह व्यापारी और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं। अग्रोहा विकास ट्रस्ट में बतौर कार्यकारी प्रधान काम किया है। अग्रोहा धाम के सालाना कार्यक्रम में सभी दलों के नेता व मंत्री आते रहते हैं।
मेरे घर तो कोई भी नेता चाय पीने आ सकता है : गर्ग