हिसार | मेक इन इंडिया के तहत देश में सूक्ष्म, लघु व कुटीर उद्योगों को जेड रेटिंग दी जा रही है। जेड यानि जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट। इसमें 50 मानकों पर संस्थान को खरा उतारना है तभी आपको जेड रेटिंग मिलेगी। इसमें दिए गए मानकों को अपनाकर औद्योगिक इकाई को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इस रेटिंग के लिए जिले के 200 में से 50 उद्यमियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें जेड रेटिंग प्रमाणन योजना के तहत उद्योगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से आए हुए प्रतिनिधियों ने उद्यमियों को जीरो डिफेक्ट व जीरो इफेक्ट के बारे में जागरूक किया। जेड उद्योगों के लिए एक अद्वितीय, परिपूर्ण रेटिंग सिस्टम है। इस सिस्टम प्रणाली के तहत उद्योगों को गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वच्छता तथा पर्यावरण जैसे 50 तय मानकों पर परखा जाता है। इसी मूल्यांकन के आधार पर उन्हें रेटिंग दी जाती है तथा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत उद्योगों को आर्थिक सहायता प्रदान करवाने का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक उद्योगों को इस स्कीम के तहत पंजीकरण करना है। उन्होंने बताया कि घरेलू उद्योगों के लिए यह योजना फायदेमंद होगी, मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।