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एचएसएससी बोली- सरकार 3 दिन में लिखित आश्वासन दे, नहीं तो होगा जेल भरो आंदोलन

3 वर्ष पहले
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हिसार | इनहांसमेंट के विरोध में संघर्ष कर रहे सेक्टरवासियों ने शनिवार को सेक्टर 16-17 के कम्युनिटी सेंटर में एकजुट होकर सरकार से हुई बातचीत और सरकार द्वारा नियुक्त आला अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन को लेकर बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सेक्टर 1-4 से सीनियर रेजीडेंट कर्नल राजकुमार रेड्डू ने की। हरियाणा स्टेट सेक्टर कॉनफीड्रेशन की अगुवाई में चलाए जा रहे आंदोलन के संयोजक यशवीर मलिक ने सेक्टरवासियों को सरकार के साथ दो दिन चली मैराथन बैठक बातचीत को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों और नियमों को सरकार लिखित में देगी जिसके लिए कुछ समय मांगा है। इसलिए जींद में 8 जुलाई को होने वाले जेल भरो आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। 3 दिन में सरकार ने इन मांगों को लेकर लिखित नहीं दिया तो जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी पानीपत में चल रहा क्रमिक अनशन व अन्य कार्यक्रम जारी रहेंगे। सेक्टर 1-4 के प्रधान कर्नल चतर सिंह गोयत, राजकुमार रेड्डू, डीपी ढुल, सतबीर कुंडू, सद्भावना संस्था के अध्‍यक्ष अमित ग्रोवर, सेक्टर 16-17 के महासचिव नरेंद्र पिलानिया, सुरजाराम झांझड़िया, वेद सिहाग, भूप सिंह, डीएस खरब, वीरेंद्र चबरवाल, नरेश गर्ग, सेक्टर 15 के प्रधान योगराज गर्ग, महासचिव सतबीर सिंधु ,अर्बन स्टेट वेलफेयर के प्रधान रामनिवास अदमपुरिया, राकेश आर्य, सेक्टर 3-5 से बीएस बूरा, बलबीर लाठर, बलवान पूनिया सेक्टर 9-11 से बलवंत यादव सेक्टर 15 के प्रधान रविन्द्र ढांढा, सुदेश सिहाग, सुमन,सावित्री,रजनी, कांता आदि रहे।

इनहांसमेंट मामले को लेकर बैठक करते हरियाणा स्टेट सेक्टर कॉनफीड्रेशन के पदाधिकारी।

यह उठाई मांग : यशवीर मलिक ने बताया कि री कैलकुलेशन के सिद्धांत बनाते समय उन्होंने अधिकारियों से मांग की लैंड डिस्पोजल एक्ट 1975 की धारा 10 (1) के अनुसार अलॉटी केवल जिस भूमि का मालिक है उसकी इनहांसमेंट देगा बाकी अन्य किसी आम जगह जैसे सड़क, कम्युनिटी सेंटर, सड़क, पार्किंग व अन्य जगह की इनहांसमेंट नहीं देगा उसका मालिक हुडा है। लेस कनवेड सेक्टरवासियों पर नही बनता। लेस कनवेड के ऊपर न तो मूल दिया जाएगा और न ही ब्याज दिया जाएगा। उन्होंने सरकार के अधिकारियों को कहा कि कामर्शियल लैंड की वैल्यू जो कि रेजीडेंशियल प्लाट से अधिक होती है उसकी इनहांसमेंट अधिक ली जानी चाहिए। कोर्ट के अवार्ड व विभाग द्वारा दिये गए डिमांड नोटिस देने के बीच के समय ब्याज नहीं लिया जाता।

इन मुद्दों पर सहमति बनी
1. सभी सेक्टरों की 16 जुलाई के बाद रीकैलकुलशन की जाएगी 2. रीकैलकुलशन की नियम और सिद्धांत नोटिफाई करके 31 जुलाई तक हुडा की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। 3. वेबसाइट पर अपलोड होने के बाद आम जनता भी सुझाव व आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। 4. प्रत्येक सेक्टर रीकैलकुलशन में अपना एक सीए मुहैया करवाएगा, जिसकी फीस एचएसवीपी वहन करेगा 5. जिन सिद्धांतों और रीकैलकुलशन पर अब सहमति नहीं बनेगी उसके लिए तीन हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त जज नियुक्त होंगे जिसमें से 2 जज कोनफीड्रेशन की तरफ से नियुक्त होंगे।

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