भास्कर संवाददाता| होशंगाबाद
गंगा दशहरा महोत्सव का आयोजन 23 से 24 मई तक श्री दादा कुटी बीटीआई रोड में होगा। नर्मदा मिशन के संस्थापक समर्थ संत भैय्याजी सरकार के सानिध्य में आयोजन का यह तीसरा वर्ष है। कार्यक्रम का आरंभ 23 मई शाम 4 बजे से अखंड रामधुन संकीर्तन नृत्य के साथ होगा। 24 को शाम 4 बजे समर्थ प्रार्थना सभा के साथ रामधुन संकीर्तन का समापन, शाम 6 बजे भजन संध्या, प्रसादी ग्रहण व भंडारा होगा। इस दौरान कार्य सेवकों का सम्मान एवं शब्द ध्वज पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
निशान लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु: दादा कुटी पर जिले सहित अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु निशान लेकर पहुंचते हैं। यह परंपरा दादाजी के समय से चली रही है। संत भैय्याजी सरकार ने निशान के महत्व को लेकर बताया कि यह हमारी एकता व अखंडता का प्रतीक है।
राष्ट्र धर्म, देवी देवताओं के प्रति आस्था को प्रकट करने की समूचे विश्व की सर्वमान्य दिव्य परंपरा है। सनातन धर्म से निशान की पूजन करने की परंपरा चली आ रही है। इसी के अंतर्गत निशान चढ़ाने की भी प्राचीन परंपरा है विभिन्न पंथ, संप्रदाय एवं राष्ट्र अपनी अभिव्यक्ति को श्रद्धा और आस्था के साथ निशान के माध्यम से ही प्रकट करते हैं।
1936 में हुआ था छोटे दादा का आगमन
बीटीआई स्थित दादा कुटी के संरक्षक टीपी मिश्रा ने बताया कि 6 जुलाई 1936 में छोटे दादाजी अपनी जमात सहित बीटीआई स्थित बगीचे में आकर ठहरे और यहां उन्होंने तीन साल बिताए। उन्होंने इस स्थल को विजय स्थल नाम दिया और यहां विजय पताका फहराई। इसके बाद दादा कुटी नाम से स्थान प्रसिद्ध हुआ और तब से अब तक निरंतर संतो का यहां आना होता रहा है। इसी परंपरा को बनाए रख वर्तमान में संत भैय्याजी सरकार ने दादा कुटी में अपने कदम रखे। जिसके बाद से निरंतर गंगा दशहरे पर यहां संकीर्तन और भंडारे का आयोजन होता है।
डीईआे ऑफिस हनुमान मंदिर में चल रहा रुद्राभिषेक
होशंगाबाद| डीईआे ऑफिस हनुमान मंदिर में चल रहे पुरुषोत्तम मास छठे दिन प्रातः रुद्राभिषेक एवं लक्ष्मीनारायण अभिषेक के उपरांत आचार्य पंडित अजय दुबे ने पुरुषोत्तम मास महात्म्य के अनुसार सभी भक्तों को मंगलमय कथा श्रवण कराई। उन्होंने बताया जब भगवान विष्णु मलमास को पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण के पास लेकर गए तो पुरुषोत्तम भगवान कृष्ण ने कहा है नारायण बैकुंठवासी आप ने यह उचित किया जो मलमास को मेरे समीप लाए। इससे आपकी कीर्ति बढ़ेगी। जिस प्राणी को आपने अंगीकार किया है उसे मैंने भी अंगीकार कर लिया इसको मैं अब अपने ही समान श्रेष्ठ कर दूंगा।