मकान तो हर कोई बना सकता है, लेकिन स्वर्णमय घर तो स्त्री से ही बनता है : खन्ना
मकान तो हर व्यक्ति बना सकता है, लेकिन स्वर्गमय घर तो एक स्त्री से ही बनता है। आज की स्त्री में सहनशीलता व नम्रता तो है किंतु इसका अहसास सत्संग में जाकर ज्ञान की रोशनी में ही संभव है। यह बात दिल्ली से पधारी संत बहन शरण खन्ना ने संत हिरदाराम नगर निरंकारी भवन में आयोजित महिला सत्संग में कही। उन्होंने बताया कि महिला संत समागम का उद्देश्य केवल मातृशक्ति को अपनी पहचान एवं समाज में उनकी क्या भूमिका का ज्ञान कराना है।
जोनल स्तरीय महिला संत समागम सतगुरु माता सविन्दर हरदेव सिंह महाराज के आशीर्वाद से जोनल इंचार्ज अशोक जुनेझा के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक गीत, भजनों की प्रस्तुति के साथ की गई, जिसमें प्रदेशभर से आईं बहनों ने अपने भाव व्यक्त किए। इस अवसर पर कवि दरबार एवं लघु नाटिका एवं बच्चों द्वारा आध्यात्मिक नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। समागम में भोपाल, बैरागढ़, मंडीदीप, नजीराबाद, कायमपुर, होशंगाबाद, पिपरिया, बैतूल, सीहोर, आष्टा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बहनें उपस्थित थीं। सत्संग की व्यवस्था क्षेत्रीय संचालक अखिलेश यादव, अशोक नाथानी, विजय कृपलानी, मनोज इसरानी, विलास राव, त्रिलोक पाठक, बहन सूरजीत कोर, बहन निशा टेकवानी द्वारा की गई। समागम का संचालन बहन अंजू आसूदानी ने किया। अंत में लंगर की व्यवस्था की गई थी।