होशंगाबाद| सरकार ने भले ही गेहूं की खरीदी को लेकर 20 मई तक खरीदने की घोषणा की हो पर हकीकत में जिले में गेंहूं की खरीदी शुक्रवार को ही बंद हो गई।वहीं कृषि उपज मंडी में सुबह चार गांवों के किसान अपनी गेंहूं की उपज को लेकर मंडी पहुंचे तो किसानों से गेंहूं को खरीदने से मना कर दिया। एक दिन पहले ही सोहागपुर में आधी मिट्टी मिले गेंहूं के मामले में रिपोर्ट दर्ज करा कर वाह वाही लूटने वाले विभागीय कर्मचारियों ने अंतिम दिन किसानों से गेहूं को नहीं खरीदा। जिले में तय सीमा से 73 हजार मिट्रिक टन खरीदी होने के कारण भी अंतिम दिन किसानों से गेंहूं खरीदी करने में आनाकानी का मामला सामने आया।जबकि एक दिन पहले ही अपनी उपज को बेचने के इंतजार में विदिशा के लटेरी में एक किसान की जान चली गई। इसके बाद भी होशंगाबाद मंडी में दिन भर किसानों को खड़ा कर शाम को गेहूं की खरीदी करने से मना कर दिया। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक योगेश सिंह को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने बिना जांच किए किसानों का गेहूं खराब होने का हवाला मोबाइल पर ही दे दिया। इसके चलते मंडी में खरीदी करने वाली समिति ने किसानों को बोल दिया नहीं होगी गेंहूं की खरीदी चाहे जो कर लो।
घर के सामने नाली खुदी इसलिए हुआ लेट, मंडी ने भी लौटाया
मालाखेड़ी के विजय पिता भागचंद यादव ने बताया उसके घर के सामने नाली खुदी होने से वह अपनी उपज को शु़क्रवार को लाया। 20 मई तक खरीदी होने के बाद भी 18 मई को भी मंडी में मेरी उपज को नहीं खरीदा गया है।
यह किसान भी उपज को लेकर पहुंचे
प्रेमनारायण साहू फेफरताल, धमेंद्र साहू रंढाल और हरिओम कीर निमसाडिय़ा से भी गेहूं की खरीदी नहीं की गई। जिले के नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक योगेश सिंह ने बताया की अंतिम दिन किसान खराब उपज को लेकर आया होगा। इसलिए खरीदी नहीं की होगी।