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यह होशंगाबाद है, ट्रेन में संभलकर बैठें क्योंकि 4 माह में 15 जानें गईं

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद

आदमगढ़ और शांति नगर के पास रविवार दो अलग-अलग हादसों में दो युवकों की मौत हो गई है। शहर के करीब ट्रेन से गिरने और कटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चार महीने में ट्रेन हादसे में 15 लोग की मौत हो गई। इनमें अधिकतर ट्रेन से गिरने और आत्महत्या के केस हैं। शांति नगर निवासी इलेक्ट्रिशियन धर्मेंद्र सिंह पिता रामसिंह राजपूत (35) का शव रविवार को रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। मामला सुसाइड और रेल हादसे में फंसा है। पुलिस सुसाइड के पहलू को भी तलाश रही है। इसके अलावा शनिवार देर रात सारनी निवासी अशोक पिता गंगाराम पनसोरिया (35) की चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई। पिछले तीन महीनों में नर्मदा ब्रिज से रसूलिया डबल फाटक तक रेल हादसों का ग्राफ बढ़ा है। सबसे ज्यादा शहर के रेलवे ओवर ब्रिज से आदमगढ़ पहाड़िया ट्रेन से गिरने के हादसे होते हैं। पिछले चार महीनों में भी रेलवे ट्रैक के किनारे कई यात्रियों के शव मिले।

नर्मदा ब्रिज से रसूलिया डबल फाटक तक रेल हादसों का बढ़ा ग्राफ

चार महीने के आंकड़े

मार्च में रेलवे ट्रैक के पास सबसे ज्यादा 9 शव मिले

मार्च में रेलवे ट्रैक के पास सबसे ज्यादा 9 शव मिले। 2 से 27 मार्च के बीच 9 लोगों की मौत हुई। इनमेें 4 ने आत्महत्या की थी। डबल फाटक से नर्मदा ब्रिज तक यह हादसे सामने आए।

5 मार्च को पहाड़िया के पास राजू मेहरा ने आत्महत्या की

6 मार्च को अज्ञात युवक, 9 मार्च अादमगढ़ रेलवे ब्रिज डाउन ट्रैक पर 30 साल के युवक का शव मिला।

23 मार्च को मिडघाट पर युवक की मौत

2 मार्च पवारखेड़ा में प्रदीप राय और 20 मार्च को नर्मदा ब्रिज के पास एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था।

हादसाें की तीन वजह

ट्रेनों की भीड़

गर्मी में छुट्टियों के कारण ट्रेनों में भीड़ रहती है। बर्थ क्लियर नहीं होने के कारण मजबूरी में यात्रियों को ट्रेनों के गेट पर बैठकर सफर करना पड़ता है।

मार्च

9

फरवरी

2

ट्रेन की टर्निंग

आदमगढ़, मिडघाट, सहित पहाड़िया के पास रेलवे ट्रैक की कई टर्निंग है। गेट पर खड़े या बैठे यात्रियों का टर्निंग पर बैलेंस बिगड़ जाता है। ट्रेन की रफ्तार तेज होने से भी यात्री गिर जाते हैं।

3

मई

अप्रैल

1

आंकड़े जीआरपी के मुताबिक।

नींद के झोंके

लंबे सफर में रिजर्वेशन नहीं मिलने के कारण यात्री गेट पर बैठकर यात्रा करते हैं। रात में नींद के झोके आने के कारण हाथ छूटने से भी यात्री ट्रेन से गिर जाते हैं।

रविवार के दो हादसे

1 शांति नगर निवासी धर्मेंद्र सिंह राजपूत का शव रविवार को घर से करीब 100 कदम दूर पर रेलवे ट्रैक पर पोल 761/14 के पास क्षत-विक्षत मिला। धर्मेंद्र शनिवार शाम 5 बजे से लापता था। छोटे भाई अमर सिंह राजपूत ने बताया रात भर तलाश की लेकिन धर्मेंद्र नहीं मिला। रविवार सुबह 6.30 बजे उसका शव मिला। कपड़ों से उसकी पहचान हुई। देहात थाना एसआई द्रोप लाल भल्लावी ने बताया परिजनों के मुताबिक धर्मेंद्र का दो साल से मानसिक संतुलन बिगड़ा था। साले राम जीवन राजपूत ने बताया बहनोई धर्मेंद्र पहले इलेक्ट्रिशियन था। घर में प|ी रानी राजपूत, बेटा कृष्णा (13) और बेटी परी राजपूत (6) है।

2 पहली घटना आदमगढ़ के पास डाउन ट्रैक पर पाेल 762/34,36 के पास हुई। इसमें सारनी निवासी अशोक पनसोरिया बड़े भाई के पास शक्ति नगर आया था। वह घर में लौट रहा था। इस बीच वह ट्रेन से गिर गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को शव सौंप दिया।

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