भास्कर संवाददाता | सिवनीमालवा
सेवा सहकारी समिति पिपलिया कला में पदस्थ प्रभारी समिति प्रबंधक सब्बर सिंह रघुवंशी को निरीक्षण के दौरान जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष भरत सिंह राजपूत द्वारा निलंबित किया गया था। इसके बाद सब्बर सिंह रघुवंशी की सोसायटी पिपलिया कला के सभी लेन-देन की जांच जिला सहकारी बैंक शाखा हरदा के प्रबंधक केसी सारन को सौंपी गई थी। सारन ने 17 मई को अपना जांच प्रतिवेदन सहकारी बैंक होशंगाबाद को सौंपी। जांच में गंभीर आर्थिक अनियमितता का दोषी सब्बर सिंह रघुवंशी को पाया और एफआईआर दर्ज कराने की अनुशंसा की। केसी सारण ने अपने जांच प्रतिवेदन में लिखा कि संस्था पिपलिया कला में 31 मार्च 2017 पर अल्पकालीन /मध्यकालीन ऋण राशि 4 करोड़ 14 लाख 12 हजार 88 रुपए, कैश क्रेडिट समर्थन मूल्य गेहूं में 2 करोड़ 17 लाख 36 हजार 85 रुपए, कैश क्रेडिट खाद मे राशि 20 लाख 35 हजार 571 रुपए और कैश क्रेडिट खाद्यान्न में राशि 9 लाख 36 हजार 92 रुपए की आर्थिक अनियमितता पाई गई। कुल 6 करोड़ 61 लाख 19 हजार 836 रुपए की लेनदारी और देनदारी में अंतर मिला। आर्थिक अनियमितताओं के लिए सब्बर सिंह रघुवंशी को दोषी मानते हुए पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की अनुशंसा की। इसकी रिपोर्ट 7 दिन के अंदर बैंक मुख्यालय को भेजने की बात कही।
इनका कहना है-
सोसायटी के सहायक प्रबंधक सब्बर सिंह रघुवंशी ने बताया मामले में जो राशि की अनियमितता बताई गई है इतनी राशि या इससे अधिक राशि जिले की हर सोसाइटी में मिल जाएगी। यह मामला केवल राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए षड्यंत्र पूर्वक रचकर मुझे टारगेट किया जा रहा है।