भास्कर संवाददाता| होशंगाबाद
रेत खदानों से रेत का अवैध खनन करने वाले एनजीटी के बारिश में खदानों से उत्खनन बंद करने से पहले माफिया रेत का अवैध स्टॉक करने लगे हैं। जिले में 50 खदाने संचालित हैं लेकिन स्टॉक की संख्या 60 से अधिक है वहीं खनिज विभाग केवल 30 स्टॉकों की अनुमति की बता कर रहा है। वैध स्टॉक से खदान संचालक मैन्युअल राॅयल्टी ही जारी कर रहे हैं। जबकि खदानों से ईटीपी जारी होने का प्रावधान है। ईटीपी केवल खनिज निगम में पंजीकृत वाहनों को ही जारी होती है। अन्य वाहनों को रेत बिना पंजीयन के ईटीपी से नहीं मिलती है। मेन्युअल रायल्टी किसी भी वाहन को जारी की जा सकती है।
नहीं होता सीमा का निर्धारण
रेत माफियाओं पर कार्रवाई न होने में राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण आड़े आता है। लापरवाही की हद तो ये है कि खदानों में सीमा के निर्धारण किए बगैर ही मन माफिक तरीके से उत्खनन का काम चल रहा है। खनिज विभाग और कार्पोरेशन के अधिकारी पुरानी सीमा को ही सही मान कर अंदाज मार सीमांकन मान लेते हैं। उनका कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन किया जाता है, जबकि राजस्व विभाग द्वारा खनिज विभाग के बताए कागजों पर ही सीमांकन कर दिया जाता है। ऐसे में मौके पर जाए बिना ही सीमांकन हो जाता है। वर्तमान में जिन खदानों से उत्खनन हो रहा है।