कमलनाथ के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद भाजपा के गढ़ बैतूल जिले में कांग्रेस ने अपने हाथ मजबूत करने शुरू कर दिए हैं। बैतूल में नाथ कमल (भाजपा) की 5 में से 3 सीटों पर हाथ (कांग्रेस) डालने की कोशिश में हैं। कमलनाथ छिंदवाड़ा के लोकप्रिय नेता हैं। बैतूल छिंदवाड़ा का पड़ोसी जिला है इस कारण बैतूल में कांग्रेस मजबूत पैठ बनाना चाहती है। कमलनाथ बैतूल विस की 5 सीटों में से कम से कम 3 सीट हथियाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए राजनीतिक हलचल तेज हो गईं हैं।
कमलनाथ की रणनीति से बैतूल की सीट बचाने के लिए भाजपा ने वहां अभी से हलचल तेज कर दी है। तीन दिन के अंदर भाजपा के केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, उमा भारती और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैतूल की सुध ली। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ भी शनिवार को बैतूल पहुंचे और जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई।
छिंदवाड़ा के पड़ोसी होने के लिए बैतूल पर बढ़ी कांग्रेस की नजर, भाजपा ने बढ़ाया वीआईपी मूवमेंट
...और यह हो सकती है दाेनों पार्टियों की कमजोरी
भाजपा: बैतूल जिला आदिवासी बाहुल्य है। यहां की सांसद ज्योति धुर्वे का जाति प्रमाण पत्र का मामला गहराया था। अब यह मामला अभी कोर्ट में है। चुनाव के समय कांग्रेस इसे मुद्दा बना सकती है। साथ ही आदिवासी लोगों को अब एक सूत्र में बांधे रखना भी भाजपा के लिए कड़ी चुनौती होगा।
कांग्रेस: बैतूल जिले में कांग्रेस के पास भाजपा के बराबर कार्यकर्ता नहीं है। इस कारण कांग्रेस काे लगातार हार मिली है। कांग्रेस यदि छिंदवाड़ा से लोगों को लाती है तो उनके लिए चुनाव में कड़ी मेहनत करनी होगी। वहीं भाजपा यह काम आसानी से कर सकती है।बैतूल में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी से भाजपा को फायदा मिला है। स्थानीय नेताओं में गुटबाजी अभी भी हावी है। इससे कांग्रेस को नुकसान होगा।
कांग्रेस बनाना चाहती है वर्चस्व, भाजपा भी सक्रिय
प्रदेश में 15 सालों में कांग्रेस जोर नहीं मार पा रही थी लेकिन अब कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाने के बाद भाजपा के लिए भी रास्ता कठिन हो गया है। बैतूल जिला भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा बन गया है। बैतूल में इस समय भाजपा के पास सांसद और पांचों विधायक हैं। इसमें प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हैं। इसलिए कांग्रेस अपना वर्चस्व बनाना चाहती है। भाजपा इस बात को जान रही है। इसलिए पार्टी ने सक्रियता बढ़ा दी है। नितिन गडकरी और उमा भारती और सीएम वहां जा रहे हैं। नागपुर से नजदीक होने के कारण गड़करी भी सक्रिय हैं।