भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद
गर्मी में पचमढ़ी में तापमान कम होने के कारण पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। इन दिनों 38 डिग्री तक तापमान है, गर्मी की छुट्टियों के कारण रोजाना पर्यटक बढ़ रहे हैं। मढ़ई में भी पर्यटक जंगल सफारी का मजा ले रहे हैं। पचमढ़ी में गुजराती पर्यटकों की संख्या रोज बढ़ रही है। पचमढ़ी में आम दिनों में करीब 700 पर्यटक ही रहते हैं लेकिन इस समय करीब 3500 पर्यटक हैं। पचमढ़ी में 80 प्रतिशत तक होटलें फुल हैं। इधर मढ़ई में लोग ज्यादा आ रहे हैं क्योंकि अब सिर्फ 25 दिन ही वे घूम सकेंगे। मानसून आने से ही पार्क बंद हो जाएंगे। गर्मी तेज है। होशंगाबाद में तापमान 44 डिग्री है। 120 किमी दूर हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान कम 38 से 37 डिग्री रहता है। पिपरिया क्राॅस करते ही तेज गर्मी से राहत मिल जाती है। इस कारण लोग पचमढ़ी में गर्मी के दिन बिता रहे हैं। पचमढ़ी में होटलों में संख्या बढ़ रही है। यहां करीब 75 होटलें हैं। शासकीय ओल्ड होटल भी हैं। शासकीय होटल पैक हैं। निजी होटलें 80 प्रतिशत तक भरी हैं। पर्यटन विभाग की होटलें भी पर्यटकों ने आॅनलाइन बुक करा रखी हैं। करीब 3500 पर्यटक होने से यहां के सभी पाइंटों पर भीड़ है। सबसे ज्यादा पर्यटक बी-फाॅल, धूपगढ़ में पहुंच रहे हैं।
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हरियाली और मंदिरों को निहारने आते हैं हजारों पर्यटक
गर्मी की छुटि्टयों में पर्यटक पचमढ़ी और मढ़ई हजारों की संख्या में घूमने आते हैं। हरियाली से सराबोर दोनों क्षेत्र पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। वन्यप्राणियों की भरमार है तो हरियाली भी कुछ कम नहीं है। पचमढ़ी में बहते कल-कल झरने पर्यटकों का मन लुभाते हैं। जंगलों की हलचल और सुंदरता पर्यटकों को पूरे गर्मी के मौसम में रोके रखती है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि पचमढ़ी को छोटी कश्मीर भी कहा जाता है। अभी पचमढ़ी में करीब 3500 से ज्यादा पर्यटक हैं। गर्मी अभी बरकरार है। लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोगों ने यहां की होटलों को पहले ही बुक करा ली हैं। जिससे वे यहां रुककर धूपगढ़ और भगवान महादेव के मंदिरों को निहार सकें।
यहां घूम सकते हैं पर्यटक
पचमढ़ी में कई पर्यटन स्थल हैं। इसमें बी-फाॅल, डचेज फाॅल, महादेव मंदिर, चौरागढ़, जटाशंकर सहित अन्य जगह हैं, यहां पर पर्यटक आसानी से घूम सकते हैं।
मढ़ई के लिए सिर्फ 25 दिन
पचमढ़ी के अलावा मढ़ई में भी हरियाली और देनवा नदी के कारण गर्मी कम रहती है। रोज 100 से अधिक पर्यटक पहुंच रहे हैं। शनिवार और रविवार को संख्या बढ़कर 150 से 200 के बीच रही। पर्यटक 25 दिन और घूम सकते हैं। मानसून आने के साथ ही मढ़ई बंद हो जाता है। इसके बाद अक्टूबर में उसे खोला जाता है। मढ़ई के क्षेत्र संचालक एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि मढ़ई बंद होने की अभी डेट नहीं है, लेकिन मानसून आने पर निर्भर है। मढ़ई 15 जून या 30 जून तक बंद हो जाएगा। इस समय गर्मी के कारण प्रतिदिन करीब 100 पर्यटक पहुंच रहे हैं। अवकाश के दिनों में 150 से 200 तक संख्या पहुंच जाती है।
मढ़ई में दिल लुभाने वाली हलचल
सोहागपुर| मढ़ई के जंगलों में एसटीआर प्रबंधन द्वारा वन्यप्राणियों के लिए पानी पीने के लिए कुंड बनाएं हैं। यहां रोजाना सैकड़ों जानवर जंगल में बने पानी के कुंडों में प्यास बुझाने के लिए आते हैं। एसटीआर प्रबंधन के मुताबिक गर्मी के मौसम में वन्यप्राणियों के लिए पानी की समस्या बढ़ जाती है। जंगल के अधितम जल स्रोत सूख जाते हैं। इसके कारण वन्यप्राणी गांवों की तरफ करते हैं। इस दौरान कई ग्रामीण इनके शिकार भी हो जाते हैं। वन्यप्राणियों को पानी जंगल में ही मिल जाए इसके लिए जगह-जगह पानी के कुंड बनाए हैं।