पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Hoshangabad
  • हड़तालें हुईं, आश्वासन अब तक अधूरे, फजीहत हुई आमजन की

हड़तालें हुईं, आश्वासन अब तक अधूरे, फजीहत हुई आमजन की

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता| होशंगाबाद

बीते करीब ढाई माह से प्रदेश में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे थे या कर रहे हैं। इनमें किसी संगठन की हड़ताल 15 दिन तो किसी की एक माह तक चली। कर्मचारियों को उनकी मांगें पूरी करने के आश्वासन भी मिले, लेकिन सरकार और कर्मचारियों के बीच के इन प्रकरणों में आम जनता बिना वजह ही पिस गई। हड़ताल, आंदोलन के दौरान लोग संबंधित दफ्तरों में अपने काम के लिए भटकते रहे। खास बात तो यह कि जिन विभागों को उनकी मांगें पूरी करने के आश्वासन मिले, 15 दिन से एक माह होने के बाद भी मांगें पूरी होते नहीं दिख रहीं। आमजन से इस संबंध में बात करने पर लोगों ने कहा अचानक अधिकांश विभागों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर हो रही हड़ताल चुनावी साल का परिणाम है।

चुनाव से पहले कर्मचारियों ने ठानी मांगे पूरी हो, मार्च भी रहा आंदोलनों की नाम

सहकारी समिति संविदा संगठन

जिला अध्यक्ष हरिओम रघुवंशी ने बताया आंदोलन 22 मार्च से 9 अप्रैल तक चला। शीघ्र स्थानांतरण, वेतनमान का निर्धारण, केडर की स्थापना की।

परिणाम : मांगें पूरी करने का आश्वासन। नियमों में संशोधन के चलते आदेश लागू होने में विलंब।

3500 कर्मचारी आंदोलन में शामिल

न्यू बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष प्रवीण पटेल ने बताया आंदोलन 7 से 17 मार्च तक चला। मांगों में वेतन विसंगति खत्म की जाए, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, एमपीएस, एलएचवी, के जिले के 3500 कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।

परिणाम : एक सप्ताह में मांगें पूरी करने का आश्वासन एक माह होने को आए, अब तक मांग पूरी नहीं।

पंचायत संविदा कर्मचारी संगठन

सुनील चौहान ने बताया आंदोलन 15 से 27 मार्च तक चला। 500 कर्मचारी आंदोलन में शामिल।

मांग : संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण, समान कार्य, समान वेतन, निष्कासितों की बहाली

परिणाम : 10 अप्रैल तक मांगें पूरी करने का आश्वासन मिला। 14 अप्रैल तक कुछ नहीं हुआ।

इन विभागों ने की हड़ताल

अपनी मांगों को लेकर न्यू बहु उद्देश्यीय संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन, पंचायत विभाग के संविदा कर्मी, मप्र राज्य अध्यापक संगठन, सहकारी समितियों के कर्मचारियों सहित अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन किए।

प्रमुख संगठनों के आंदोलन, उनकी मांगें और परिणाम

सबसे लंबी चली संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की हड़ताल के संबंध में जिला अध्यक्ष रूपाली तिवारी ने बताया उनकी हड़ताल 19 फरवरी को शुरू होकर 44 दिन चली। जिले के 350 कर्मचारी शामिल हुए। समान कार्य, समान वेतन और सभी को नियमित करने की मांग।

परिणाम : 16 अप्रैल को सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन का मिला है।

आज खुलेंगे सरकारी कार्यालय

23 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से शुरू हुई 53 विभागों के लिपिकों की हड़ताल की वजह से लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई है। गुरुवार, शुक्रवार को हड़ताल के बाद शनिवार को आंबेडकर जयंती और फिर रविवार के कारण सोमवार को कार्यालय खुलेंगे।

शुक्रवार को रोजगार की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंची, कोई कर्मचारी नहीं मिला, आवक-जावक शाखा में भी ताला लगा मिला। दिव्यांग हूं, इसलिए बार-बार यहां आने में परेशानी होती है। ममता यादव, मालाखेड़ी

सेमरी हरचंद में प्याज गोदाम के लिए आवेदन किया है। अधिकारी को स्थल निरीक्षण करना था। लेकिन हड़ताल की वजह से न तो अधिकारी न ही कोई कर्मचारी स्थल निरीक्षण करने पहुंचा। लालजी राम, सेमरी हरचंद

खबरें और भी हैं...