भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद
विवेकानंद घाट पर खोह भरने के बाद अब सीढ़ियां बनाने का काम शुरू हो गया है। पहले यहां खोह होने के कारण लोगों को नहाने में परेशानी होती थी। नर्मदा के पानी में नीचे तक सीढ़ियां भी कम थीं। इससे लोगों को खतरा बना रहता था। जल संसाधन विभाग इस काम कर रहा है। अभी घाट पर सीढ़ियां कम है। इससे नर्मदा में उतरते से ही गहरा पानी आ जाता है। सीढ़ियां बनने से लोगों को स्नान करने में सहूलियत होगी और घाट भी मजबूत होगा। जल संसाधन विभाग ने 7 करेाड़ रुपए से सेठानीघाट पर खोह भरने का काम कर रही है। यहां काम लगभग पूरा हो गया है लेकिन करीब एक करोड़ रुपए बच गए हैं। इन रुपयों का उपयोग विवेकानंद घाट के विस्तार पर किया जा रहा है। घाट पर सीमेंट के छोटे-छोटे प्लेटफार्म बनाकर उनको जोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के योजना प्रभारी अमिताभ मिश्रा ने बताया बची राशि से सीढ़ियांें का विस्तार हो रहा है। सेठानीघाट पर खोह भरा चुकी है। विवेकानंद घाट पर सीढ़ियाें का काम जून के अंतिम सप्ताह तक हो जाएगा।
घाटों का कायाकल्प
जल संसाधन विभाग 7 करेाड़ रुपए से सेठानीघाट पर खोह भरने के बाद अब विवेकानंद घाट को बना रहा है सुंदर
होशंगाबाद। विवेकानंद घाट पर सीढ़ी बनाने का काम चल रहा है।
10 फीट गहरी थी खोह
सेठानीघाट पर खोह ब़ड़ी हो रही थी। 10 फीट लंबी खोह होने से घाट पर खतरा हो रहा था। जल संसाधन विभाग ने 2006 में खोह का पता किया था। 2017 तक किसी कंपनी ने काम अपने हाथ में नहीं लिया था। पिछले साल यह काम शुरू हुआ। 7 करोड़ में से 6 करोड़ से घाट बनकर तैयार हो गया। बाकी का काम विवेकानंद घाट पर हो रहा है। यहां इसकी जरूरत थी। बारिश में घाट पर ऊपर तक पानी आ जाता है। इसलिए इसे भी मजबूत किया जा रहा है।