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जिले में 52% एमआर टीकाकरण हुआ

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | होशियारपुर

भारत के सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम में खसरा-रुबेला के नए टीकों को भी स्वास्थ्य प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस संदर्भ में आज एसएवी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जीएस कपूर की अध्यक्षता में स्कूल के सभी बच्चों को एमआर और रुबेला के टीके लगाए गए।

इस मौके सिविल डिस्पेंसरी बहादुरपुर की डॉ. मनोज कुमारी, डॉ. मनदीप, एएनएम किरण बाला, हरप्रीत, परमजीत, अमनप्रीत, स्टाफ नर्स अमृतजीत, आशा वर्कर रमा, लक्ष्मी, जमना, मनजीत, रणजीत, सुनीता करिश्मा कुमारी पर आधारित टीम ने स्कूल के बच्चों को टीके लगाए। इस संबंधी डॉ. जीएस कपूर ने बताया कि रुबेला को जर्मन खसरा के नाम से भी जाना जाता है, यह बीमारी रुबेला वायरस के कारण होती है। यह संक्रमित व्यक्ति की नाक और ग्रसनी से स्राव की बूंदों से या फिर सीधे रोगी व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैलता है। अब तक रुबेला का जो टीका लगाया जाता था वह बच्चे के जन्म के 9-12 माह या फिर 16-24 माह के अंदर ही लगाया जा सकता था लेकिन इस नए विकसित किए गए टीके को 9 माह से लेकर 15 साल तक के बच्चों को दिया जा सकेगा।

पूरे जिले में अब तक 52 प्रतिशत लगभग 2.11 लाख बच्चों को टीके अभी तक लग चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अच्छे परिणाम आ रहे हैं और कहीं से किसी भी स्कूल ने सहयोग न देने की सामने आई हो और हमें खुशी है कि होशियारपुर के सभी स्कूलों से हमें पूरा सहयोग मिल रहा है। इस मौके जैन शिक्षा निधी के प्रधान यशपाल जैन, सचिव संदीप जैन, कोषाध्यक्ष बोबी ने कहा कि स्कूल प्रबंधक कमेटी का हमेशा यह प्रयास होता है कि वह शिक्षा के साथ साथ बच्चों के स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखे। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही है यह स्कीम बहुत ही सराहनीय है क्योंकि स्वस्थ बच्चों से ही स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है। अंत में जैन शिक्षा निधी के पदाधिकारियों, डीन सुनीता दुग्गल, प्रिंसिपल सुषमा बाली ने स्वास्थ्य विभाग की आई हुई टीम का आभार व्यक्त किया।

स्कूल में टीकाकरण करते टीम मेंबर और मौजूद विद्यार्थी। -भास्कर

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