बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने शनिवार को ट्रेनिंग सेंटर खड़कां में कहा कि अब बीएसएफ को मैन पावर की नहीं बल्कि नई टेक्नोलाॅजी की जरूरत है। इसके लिए जून के दूसरे हफ्ते में जम्मू में कंप्रेसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली) लागू किया जाएगा। यह सिस्टम घुसपैठियों की रीढ़ तोड़ देगा। अब आतंकियों को तकनीक से ही मारेंगे और भारत में दाखिल नहीं होने देंगे।
घाटी में सीज फायर पर को अच्छा संदेश बताया और कहा कि इससे संदेश जाता है कि भारत शांति चाहता है। फिर भी सीज फायर का उल्लंघन हुआ तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही जो सिविलियन मारे गए हैं वह दुखद है। भारत ने भी इसका कड़ा जवाब दिया। पाकिस्तान नुकसान के बारे में बताता नहीं है लेकिन शुक्रवार को पाकिस्तान ने फ्लैग मीटिंग मांग ली थी। यह हमारे कड़े जवाब का ही नतीजा है।
ट्रेनिंग सेंटर खड़कां
बीएसएफ डीजी बोले-सीजफायर अच्छा संदेश पर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब भी दे रही बीएसएफ
सख्ती
तस्करी का बीएसएफ के पास आंकड़ा नहीं
बीएसएफ डीजी ने कहा कि पंजाब में पाकिस्तान से हो रही ड्रग तस्करी का बीएसएफ के पास आंकड़ा नहीं है कि कितने फीसदी ड्रग को पकड़ पाते हैं और कितनी फीसदी ड्रग की पंजाब में तस्करी हो रही है। उन्होंने यह जरूर कहा कि बीएसएफ ने मुस्तैदी की वजह से पंजाब और राजस्थान में ड्रग तस्करों पर प्रेशर बना है और वह रूट बदल रहे हैं। उन्होंने इशारा दिया कि ड्रग तस्कर अब गुजरात की ओर भी जा सकते हैं।
गुजरात की ओर भाग रहे तस्कर लेकिन आगे भी बीएसएफ
ड्रग तस्करी में बीएसएफ की भूमिका बिल्कुल नहीं
बीएसएफ के कुछ लोगों की ड्रग तस्करी में पिछले समय आई भूमिका पर डीजी ने कहा कि वह नहीं मानते कि बीएसएफ के लोग ड्रग तस्करी में शामिल हैं। किसी एक आधे केस को इतना बड़ा आधार नहीं बनाया जा सकता। अकाली दल द्वारा बीएसएफ की भूमिका पर कुछ साल पहले उठाए सवालों पर कहा कि यह काम राजनीतिक लोगों का है और बीएसएफ इन बातों में नहीं आती। बीएसएफ के जवान ईमानदारी से बॉर्डर पर ड्यूटी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने संदिग्ध जगहों, नदी-नालों पर चौकसी बढ़ा दी है। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हो रही है। बॉडी टेम्प्रेचर के मुताबिक चलने वाले थर्मल एमेजर कैमरे और नाइट विजन कैमरों के अलावा बीएसएफ और भी यंत्र इस्तेमाल कर रही है।