प्रभु प्राप्ति के लिए मानवता ही प्रथम द्वार
भास्कर संवाददाता | होशियारपुर
मानवता मंदिर होशियारपुर में चल रहा 3 दिवसीय संत सम्मेलन 14 अप्रैल को संपन्न हो गया। परम संत परम दयाल पं. फकीर चंद महाराज द्वारा शुरू किया गया यह 55वां संत सम्मेलन दयाल कमल महाराज की अध्यक्षता में हुआ। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए हुए आचार्यगणों ने अपने अमृत-वचनों से आए हुए सत्संगियों को लाभांवित किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंसान का असली धर्म तो मानवता ही है तथा मानवता के पथ पर चलकर ही हम ईश्वर की प्राप्ति कर सकते हैं। दयाल कमल महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य अपनी नीयत साफ करके गुरु के शरणागत होकर अपने अंतर में सच्चे दिल से जो भी मांगता है वह मालिक उसको अवश्य प्रदान करता है। कमी है तो केवल हमारे विश्वास में होती है। उन्होंने परम दयाल महाराज जी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि रूहानियत की शुरुआत ही इंसानियत से होती है, इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि ईश्वर प्राप्ति के लिए मनुष्य बनो प्रथम द्वार है। अपने आशीर्वाद संबोधन में उन्होंने परम दयाल महाराज के श्री चरणों में समस्त मानव-जाति के कल्याण के लिए प्रार्थना की तथा सबको इच्छा पूर्ति का आशीर्वाद दिया।
ट्रस्ट प्रधान श्री बह्म शंकर जिंपा ने परम दयाल पं. फकीर चंद महाराज को नमन करते हुए दयाल कमल महाराज तथा समस्त आचार्यगणों को शरणागत होते हुए धन्यवाद किया। उन्होंने अपने सहयोगी सचिव राणा रणबीर सिंह था ट्रस्टीगणों विशेषकर रणजीत कुमार शर्मा, विजय डोगरा, विपन जैन, फकीर प्रसाद डोगरा, राजेश्वर दयाल (बब्बी), सुरेश कुमार, सुच्चा सिंह तथा आए हुए सत्संगी भाई-बहनों को संत-सम्मेलन सफलतापूर्वक समापन होने के लिए आभार प्रकट किया।
उन्होंने सुरक्षा प्रशासन के प्रति भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि तीन दिन तक सम्मेलन का शांति पूर्वक संचालन करने के लिए सुरक्षा कर्मियों का विशेष सहयोग रहा है।
बैसाखी संत सम्मेलन के संपन्न के मौके पर कमल महाराज के साथ संगत।