अकाली पार्टी के फ्राडों की सूची लंबी : बलवंत खेड़ा
होशियारपुर | पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, प्रधान शिरोमणि अकाली दल सुखबीर सिंह बादल और एक दर्जन अकाली नेताओं के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी करने के संबंधी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। भारत के चुनाव कमिशन की ओर से पार्टी के रिकार्ड की जांच के बाद इसके काफी फ्राडों का पर्दाफाश होगा। यह बातें सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के बलवंत सिंह खेड़ा, ओम सिंह सटियाणा, बलवीर सिंह और साधू राम ने कही। खेड़ा ने बताया कि पार्टी ने जाली दस्तावेज पेश करके चुनाव कमिशन से मान्यता के लिए हलफनामा दिया था कि यह पार्टी अब धर्म निष्पक्ष हो गई है जबकि इसके पुराने प्रकाशित संविधान अनुसार केवल सिख ही इसके सदस्य हो सकते थे। इस पार्टी के बरनाला और बादल दलों का 1996 में आपस में मिलना भी फ्राड थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुसार इन पार्टियों के जनरल हाउस ही यह निर्णय कर सकते थे। खेड़ा ने कहा कि सोमवार को होशियारपुर में जेएम-1सी गुरशेर सिंह की अदालत में पार्टी के सचिव ने रिकार्ड और कार्रवाई रजिस्टर लेकर पेश होना था। इस संबंधी सम्मन हो चुके थे। अदालत ने दोबारा 4 मई के सम्मन किए हैं जिसके साथ इस पार्टी के और फ्राड भी उजागर होंगे।