भास्कर संवाददाता|होशियारपुर
जिला भाजपा की ओर से पंजाब के नए अध्यक्ष श्वेत मलिक के स्वागत रैली में एक बार फिर गुटबंदी दिखी। नतीजा यह हुआ कि खुद श्वेत मलिक को स्टेज से यह कहना पड़ा कि आपस में मतभेद तो ठीक है लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।
रैली की दिलचस्प बात यह रही कि श्वेत मलिक के लिए जो फूलों का हार मंगाया गया था वह किराए का था। पार्टी ने इसके लिए एक हजार रुपए की सिक्योरिटी दी थी। हार पहनाने के बाद कारिंदा अपना हार लेकर चलता बना। इस बीच जब उससे पूछा गया कि वह हार लेकर क्यों जा रहा है तो उसने जवाब दिया कि यह हार किराए का है।
रैली के दौरान नितिन कुमार नन्नू और दीपक शारदा के साथ आए समर्थक भी आपस में भीड़ गए। सारा वाकया कैमरों में कैद हो गया। दूसरी तरफ इस रैली में समर्थकों की संख्या ज्यादा नहीं दिखी। कुल 500 लोग मौजूद रहे। दिहाड़ी पर लाई गई महिलाएं लीडरों के भाषण के दौरान सोती हुई नजर आईं। लोग बिना भाषण सुने ही चलते बने। सबसे ज्यादा भीड़ उस समय उठी जब तीक्ष्ण सूद बोलने लगे। (देखें-पेज 3)
किराए के हार से श्वेत मलिक का स्वागत, बाद में हार लेकर चलता बना कारिंदा
स्वागत रैली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक के स्वागत को भाजपा नेताओं ने किराए का हार मंगवाया था। (दाएं) जैसे ही मलिक ने हार उतारा तो दुकान से आया कारिंदा वापस ले गया। हार ले जाते समय उसे जब भास्कर टीम ने देखा और फोटो खींचना चाहा तो उसने रोकने का प्रयास किया। (फोटो-भरत भूषण बबलू)
दोनों गुटों ने किया शक्ति प्रदर्शन|इस रैली में हर किसी ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। सांपला गुट के लोग जब अंदर दाखिल होते थे तो सांपला जिंदाबाद के नारे लगते और जब तीक्ष्ण गुट के लोग रैली में शामिल होते तो तीक्ष्ण सूद जिंदाबाद के नारे गूंज उठते। हालात उस समय दिलचस्प बन गए, जब श्वेत मलिक भाषण दे रहे थे तो सांपला गुट के लोग जिंदाबाद-जिंदाबाद करने लगे। इस दौरान तीक्ष्ण सूद गुट के लोगों से रहा नहीं गया तो उन्होंने भी तीक्ष्ण सूद जिंदाबाद के नारे लगाए। रैली को दौरान पैलेस के बाहर उस समय हंगामा हो गया जब नितिन गुप्ता नन्नू के साथ विन्नी गुज्जर के रिश्तेदार और करीबी आए हुए थे। इसी बीच दीपक शारदा के साथ आए बिन्टी नाम के शख्स के साथ रंजिश के चलते तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई। कुछ लोगों ने बीच बचाव करते हुए मामले को शांत किया।
लिखे भाषण से मोदी की प्रशंसा करते रहे मलिक|डायस पर आते ही श्वेत मलिक ने मोदी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाने लगे। उन्होंने करोड़ों रुपए से पंजाब में लाखों परिवारों को गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत स्कीम के तहत शौचालय व अन्य कल्याणकारी योजनाओं की बखान किया। राज्य में अराजकता का माहौल है। व्यापार तबाह हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रोफेशनल टैक्स लगाकर पंजाब की जनता को वेंटीलेटर पर डाल दिया है। हैरानी की बात तो यह है कि उपरोक्त सारी बातें वह लिख कर लाए थे। इस दौरान जिला प्रधान रमन घई, मेयर शिव सूद, निपुण शर्मा, मीनू सेठी, निति तलवार, सविता सूद, रणजीत कौर, मंजू सैनी, नरिंदर कौर, आदर्श कपिला, अनिल जैन, कविता परमार, अमरजीत खुलर, अशोक शोंकी, अर्चना जैन, शाम नागपाल, पवन शर्मा, अजय जैन व अन्य मौजूद रहे।
भाजपा की गुटबंदी को मतभेद तक सीमित रखने की दी सलाह
रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक के स्वागत के लिए स्थानीय महाराजा पैलेस में रैली आयोजित की गई थी। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विजय सांपला, पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद उपस्थित हुए। ये तीन नाम ऐसे हैं जिनके ईद गिर्द शहर की भाजपा की राजनीति घूमती है। तीन अलग-अलग गुट होने की वजह से हर गुट के लोगों ने भाजपा के बजाए अपने-अपने गुट के नेताओं की जय-जयकार लगवाए। पूरी रैली में इन नेताओं ने आपस में कोई शब्द एक्सचेंज नहीं किया और यह सब प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक और महामंत्री राकेश राठौर देख रहे थे। श्वेत मलिक को इस मुद्दे पर बोलना पड़ा कि मतभेद तक तो ठीक है लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। उल्लेखनीय है कि कई सालों से अविनाश राय खन्ना और तीक्ष्ण सूद की गुटबंदी मनभेद तक पहुंच चुकी है। इसी बीच जब सांपला होशियारपुर में आए तो उन्होंने भी अपना एक गुट कायम कर लिया।