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मनुष्य अपने कर्मों के मुताबिक ही इस संसार में जन्म लेता है : साध्वी

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | होशियारपुर

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आश्रम गौतम नगर में धार्मिक कार्यक्रम करवाया। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री रजनी भारती ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य अपने कर्मों के अधीन इस संसार में जन्म लेते हैं, लेकिन संत महापुरुष दया के कारण इस संसार में आते हैं।

आगे उन्होंनें कहा कि जीव का काल वश होना, विषय-विकारों के अधीन होकर पल प्रतिपल गिरते ही रहते है क्या यह किसी भयंकर दंड से कम है? हमें इस संसार रूपी कीचड़ से निकालने के लिए समय-समय पर संत महापुरुष इस धरा पर आते हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण जीव का कल्याण करने के लिए गुरु शिष्य को सेवा में लगाते हैं।

हम अपने जन्मों के संस्कारों के कारण भक्ति मार्ग पर चल नहीं पाते पर संत महापुरुष अपने महान संस्कारों के कारण हमें भक्ति मार्ग पर चलने के लिए सहायता प्रदान करते हैं। इसीलिए हमारे महापुरुषों ने कह दिया ‘गुरु जैसा नाही को देव’ कि गुरु के जैसा कोई देव नहीं’, क्योंकि वह हमारे बिगड़े मन को सुधार कर हमें एक नई दिशा प्रदान करते हैं और हमें भक्ति मार्ग पर बढ़ाते हैं और हमारे जीवन का कल्याण करते हैं।

अंत में उन्होंनें कहा कि ईश्वर को प्राप्त किये बिना हम स्थायी शांति को नहीं प्राप्त कर सकते, और बिना गुरु के ज्ञान को प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए हमें सर्वप्रथम ऐसे संत महापुरुष की खोज करें जो हमारे अंदर ईश्वर का साक्षात्कार करवा दें और हमारे जीवन में भक्ति की शुरुआत कर दे।

प्रवचन करतीं साध्वी रजनी भारती और उपस्थित संगत। -भास्कर

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