ब्राह्मण परिवारों के 10 बच्चों ने विधिविधान से जनेऊ धारण किया
भास्कर संवाददाता | होशियारपुर
भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव पर श्री ब्राह्मण सभा होशियारपुर में दो दिवसीय यज्ञोपवीत संस्कार का कार्यक्रम करवाया। इसमें ब्राह्मण परिवारों के 10 बच्चों ने पूरे विधि-विधान से शास्त्रों के अनुसार जनेऊ धारण किया। जनेऊ धारण करते समय उनका पूजन, मुंडन संस्कार करवाया गया, उपरांत बच्चों को संस्कृत कॉलेज के प्रधानाचार्य संत प्रकाश शर्मा के सानिध्य में मंत्रोच्चारण से हवन यज्ञ के बाद जनेऊ धारण करवाया।
जनेऊ धारण करने के बाद इन बच्चों ने वहां आये परिवारों से भिक्षा मांगी और डॉ. संध्या प्रकाश से मंत्र दीक्षा ग्रहण की। जनेऊ धारण करने वाले ब्राह्मण परिवार के बच्चे पार्थ शुक्ला, पंकज शर्मा, गोपाल शर्मा, आशीष शर्मा, अरुण शर्मा, राहुल, अंकेश शर्मा, अक्षय शर्मा, कार्तिक शर्मा, शशांक शर्मा शामिल थे।
इस मौके पर यज्ञोपवीत धारण करने वाले बच्चों को मंत्र दीक्षा देने के बाद प्रवचन करते हुए डॉ. संध्या प्रकाश ने कहा कि यज्ञोपवीत को व्रतबंध कहते हैं। व्रतों से बंधे बिना मनुष्य का उत्थान संभव नहीं। यज्ञोपवीत को व्रतशीलता का प्रतीक मानते हैं। इसीलिए इसे सूत्र (फार्मूला, सहारा) भी कहते हैं। धर्म शास्त्रों में यम-नियम को व्रत माना गया है। बालक की आयु वृद्धि हेतु गायत्री तथा वेदपाठ का अधिकारी बनने के लिए उपनयन (जनेऊ) संस्कार अत्यन्त आवश्यक है। धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि जनेऊ धारण करने से शरीर शुद्घ और पवित्र होता है। शास्त्रों अनुसार आदित्य, वसु, रुद्र, वायु, अग्नि, धर्म, वेद, आप, सोम एवं सूर्य आदि देवताओं का निवास दाएं कान में माना गया है।
डा. संध्या प्रकाश ने श्री ब्राह्मण सभा को इस बात की बधाई देते हुए कहा कि ब्राह्मण का काम समाज को संस्कार देना है और ब्राह्मण सभा ऐसे आयोजनों के लिए बधाई की पात्र है। इस दौरान उन्होंने जनेऊ धारण करने के वैज्ञानिक दृष्टि से माने जाले वाले महत्व की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में आए हुए परिवारों का धन्यवाद करते हुए महासचिव सुरेश तिवाड़ी ने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरा ब्राह्मण समाज बधाई का पात्र है। इस यगोपवीत कार्यक्रम के बाद 22 अप्रैल को श्री ब्राह्मण सभा के प्रांगण में सुबह 8 से 10 बजे तक श्री सुंदर कांड का पाठ करवाया जाएगा और तदोपरान्त संकीर्तन और प्रीति भोज का भी आयोजन किया जाएगा। मंच संचालन करते पार्षद पं. निपुण शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस मौके मेयर शिव सूद, सिटी थाना प्रभारी लोमेश शर्मा, ब्राह्मण सभा अध्यक्ष कमलेश शर्मा, कृष्ण शर्मा, डॉ. बिंदुसार शुक्ला, सुरेश तिवाड़ी, डॉ. अनिल पुष्प शर्मा, मनोज दत्ता, राहुल शर्मा, कृष्ण गोपाल, अश्विनी शर्मा, मधुसूदन कालिया, अनिल डोगरा, वरुण ऐरी, सोनू जोशी, राजन शर्मा, अरविंद शर्मा, शशि कमल भारद्वाज, सुरेश कपाटिया, सुनील कालिया, विजय मोदगिल, जोगिंदर शर्मा, राजिंदर मोदगिल आदि उपस्थित थे।
धर्म
श्री ब्राह्मण सभा ने भगवान श्री परशुराम जयंती पर दो दिवसीय यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम करवाया
भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव पर श्री ब्राह्मण सभा होशियारपुर में दो दिवसीय यज्ञोपवीत संस्कार के कार्यक्रम में मौजूद सदस्य। -भास्कर
यज्ञोपवीत धारण करने के नियम
चिकित्सकों अनुसार यह जनेऊ के हृदय के पास से गुजरने से यह हृदय रोग की संभावना को कम करता है, क्योंकि इससे रक्त संचार सुचारू रूप से संचालित होने लगता है। जनेऊ पहनने वाला व्यक्ति नियमों में बंधा होता है। वह मल विसर्जन के पश्चात अपनी जनेऊ उतार नहीं सकता। जब तक वह हाथ पैर धोकर कुल्ला न कर ले। अत: वह अच्छी तरह से अपनी सफाई करके ही जनेऊ कान से उतारता है। यह सफाई उसे दांत, मुंह, पेट, कृमि, जीवाणुओं के रोगों से बचाती है। इसी कारण जनेऊ का सबसे ज्यादा लाभ हृदय रोगियों को होता है।