दूसरी तरफ सतनाम सिंह और जगमोहन सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने खून-पसीने की जमा राशि बच्चों के पेट काट कर गांव के सोसायटी में जमा कराए थे पर महिंदर सिंह ने रुपए न जमाकर बहुत बड़ा अपराध किया है। सतनाम सिंह ने कहा उन्हें नहीं पता था कि महिंदर सिंह धोखेबाज निकलेगा नहीं तो वह रुपए उसे न देते। उसने सरकारी पद का दुरुपयोग किया है। इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी महिंदर सिंह ने ऐसा ही किया है। पीड़ित लोगों ने कहा कि वह जब भी महिंदर सिंह से जमा राशि निकलवाने की बात करते हैं वह कोई न कोई बहाना बनाकर खिसक जाता है। पीड़ितों ने डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर से विनती की है इस सोसायटी की जांच करवा कर दोषी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और उनके पैसे वापस दिलवाए जाए।