कार्बन फैक्ट्रियों से अभी भी छोड़ा जा रहा दूषित पानी
भास्कर संवाददाता | होशियारपुर
नवें घर के पास बनी कार्बन फैक्ट्रियों से अभी भी दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। इस बात का खुलासा मंगलवार को गांव के लोगों ने डिप्टी कमिश्नर के सामने किया। दोआबा वातावरण बचाओ संघर्ष कमेटी और किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि फैक्ट्रियां अभी भी प्रदूषण फैला रही हैं जिससे इलाके में बीमारियां पैदा हो रही हैं। डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा की फैक्ट्री लगाने से पहले इनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट 1994 नियम का ख्याल नहीं रखा गया। फैक्ट्रियों के मालिक ऐसी रिपोर्टों की परवाह नहीं कर रहे। भास्कर के खुलासे के बाद कुछ फैक्ट्रियों ने चिमनियां तो ऊंची कर ली, लेकिन अभी भी प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे पानी खराब हो रहा है और किसी भी फैक्ट्री ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया।
डिप्टी कमिश्नर को दी गई शिकायत में इन जत्थेबंदियों ने इस बात का भी खुलासा किया कि किसानों को लकड़ी बेचने के बाद कोई भी पक्का बिल नहीं दिया जाता। नकद पेमेंट के नाम पर चार फीसदी रकम काटी जा रही है। उल्लेखनीय है कि होशियारपुर में पूरे पंजाब में सबसे ज्यादा लक्कड़ का कारोबार होता है। स्थानीय प्लाई फैक्ट्रियों और कार्बन फैक्ट्रियों को भी लकड़ी की सप्लाई होती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 100 क्विंटल लकड़ी के पीछे 10 क्विंटल को खत्म कर दिया जाता है, जिससे मार्केट कमेटी को हर साल करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है।