रातों रात जेसीबी से वन भूमि पर खोद डाला मनरेगा तालाब
हंटरगंज प्रखंड के तिलहेत पंचायत के कासडाबर गांव में मनरेगा योजना में हेराफेरी करने का मामला प्रकाश में आया है। एक बिचौलिया द्वारा वन भूमि पर मनरेगा योजना से एक तालाब का निर्माण जेसीबी से रातों रात कर दिया गया। साथ ही योजना के लाभुक को बिना जानकारी के बनाकर उसके फर्जी हस्ताक्षर से योजना राशि की निकासी भी कर ली गई। बिचौलिया केदली गांव के प्रमोद साव है। मामला वन विभाग के जांच के दौरान प्रकाश में आया। वन विभाग के द्वारा योजना के लाभुक सरजू कुमार भोक्ता को नोटिस किया गया। जब सरजू कुमार भोक्ता वन विभाग कार्यालय पहुंचा तो पूछताछ के दौरान उसे पता चला कि योजना का लाभुक उसे बना दिया गया है। जबकि लाभुक ने इस योजना के संबंध में कोई भी जानकारी होने से साफ इनकार किया। उसने बताया कि बिचौलिया के द्वारा बिना बताए उसके नाम पर योजना स्वीकृत करा लिया गया। उसने इस संबंध में लाभुक ने बीडीओ केके अग्रवाल को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग किया है। तालाब का निर्माण 4 लाख 26 हजार की लागत से किया गया है। रेंजर सूर्य भूषण कुमार ने वन भूमि पर तालाब बनाने के आरोप में बिचौलिया प्रमोद साव और रोजगार सेवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया है। वही मामला के प्रकाश में आने के बाद मुखिया राजू भारती ने बिचौलिया के विरुद्ध कार्रवाई करने और राशि की रिकवरी कराने की बात बताया है। वहीं बीडीओ ने भी मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।