कहीं दीवार तो कहीं छत ढहने का खतरा
एमओजी लाइन में शासकीय प्रा वि. का भवन बाहर से जितना ठीक दिखता है, अंदर से उतना ही खतरनाक है। स्कूल में 220 विद्यार्थी हैं। शिक्षिका सुरभि गुप्ता ने बताया, पूरा स्कूल भवन दरक रहा है। दीवारों में तिराड़ आ गई है। जोड़ खुलने से दीवारें एक-दूसरे से अलग हो गई हैं। हमेशा भवन गिरने का खतरा बना रहता है। विद्यार्थियों को दीवारों से दूर बैठा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अफसर पांच साल से यहां सिर्फ दौरे ही कर रहे हैं।
सांप-बिच्छू वाला स्कूल
कबीरखेड़ी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय सांप-बिच्छू वाले स्कूल के नाम से पहचाना जाता है। यहां आए दिन सांप-बिच्छू निकलते रहते हैं। भवन की दीवारें चटक चुकी हैं। कभी भी गिर सकती हैं। शिक्षक दीपक धनोड़कर ने बताया, यहां 250 छात्र पढ़ते हैं। हमेशा डर बना रहता है कि यहां कोई हादसा न हो जाए। कई बार शिकायत भी की लेकिन भवन में कोई सुधार नहीं हुआ।
जर्जर हो गई दीवारें
बंद किए खतरनाक कमरे
एरोड्रम क्षेत्र में हुजूरगंज प्राथमिक स्कूल में 130 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। प्रभारी शिक्षिका बृजबाला गुप्ता ने बताया, दो कमरे खतरनाक हैं। उनकी छत और दीवारों से प्लास्टर लगातार गिर रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों कमरे बंद कर दिए हैं। कई बार शिकायतें की, अफसरों को जानकारी भी भेजी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
भवन की चद्दरें भी टूट गईं
सदर बाजार थाना के पास स्थित कन्या उर्दू स्कूल भवन की दीवारें टूट गई हैं। खिड़कियां नहीं हैं। शिक्षिका सिरैया ने बताया, स्कूल के समय आसपास की कॉलोनियों के लड़के यहां आकर धमाल मचाते हैं। जर्जर भवन की चद्दरें भी टूट गई हैं। इसका फायदा उठाकर यहां कई बार चोरी भी हो चुकी है। स्कूल के बोरिंग और दीवारों पर पड़ोसियों ने कब्जा कर रखा है, लेकिन अफसर ध्यान नहीं देते हैं।
नार्थ राजमोहल्ला स्थित प्रा.विद्यालय की पीछे की दीवारें जर्जर हो गई हैं। प्लास्टर उखड़ गया है। बारिश से बचाव के लिए ऊपर टीन शेड लगाया है। अफसरों के डर से शिक्षक कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
टीन शेड वाला भवन खंडहर
पागनीसपागा हाई स्कूल पुराने और नए भवन में लगता है। दोनों के बीच में टीन शेड वाला खंडहर भवन है। एक भवन में प्राथमिक स्कूल लगता है। इसकी चद्दरें उखड़ चुकी हैं। यहां 400 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। शिक्षक यहां एडजस्ट कर बच्चों को दूसरे कमरों में पढ़ा रहे हैं। पुरानी जर्जर बिल्डिंग में ऑफिस है। शिक्षकों का कहना है, पुराने भवन को तोड़कर हॉल बना दिया जाए तो सुविधा होगी।
छज्जे तक गिर गए
सुभाष चौक स्थित कस्तूरबा कन्या. उमावि. में नई बिल्डिंग बन रही है, लेकिन पुराने भवन की हालत खराब है। तीन मंजिला इस स्कूल में 400 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं। कर्मचारी राधेश्याम के अनुसार बारिश का पानी लगने से पिल्लर खराब हो गए हैं। छज्जे गिर गए हैं। भवन का एक-चौथाई हिस्सा बंद कर दिया है। स्कूल भवन को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
बारिश में बैठना संभव नहीं
प्रा. कन्या 30, बाल मंदिर क्रं.2 और कन्या प्रा.वि क्रं.8 को मिलाकर एक स्कूल बना है। यहां 80 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल भवन की चद्दरें उखड़ चुकी हैं। बारिश में छत से पानी टपकता है। कमरों की दीवारें जर्जर हो गई हैं। संकुल प्राचार्य से लेकर बीआरसी को शिकायत करने के बाद भी स्कूल भवन में सुधार कार्य नहीं कराया गया।
जर्जर स्कूल भवनों की लिस्ट बनाई
सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र में एमएस होटल ढहने की घटना के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों की भी नींद खुल गई है। बीआरसी और संकुल प्राचार्यों ने ताबड़तोड़ दौरे कर जर्जर स्कूल भवनों की लिस्ट बनाई। यह सूची जिला शिक्षा अधिकारी और निगम को सौंपी जाएगी।
जिला पंचायत को कोई मतलब नहीं
जिला पंचायत को स्कूलों से कोई मतलब नहीं है। शिक्षकों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन कभी अफसरों ने दौरे नहीं किए। नया बसेरा में पार्किंग में चल रहे स्कूल का दौरा करने के बाद स्कूल भवन बनवाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी भी पार्किंग में ही स्कूल लग रहा है।
स्कूलों को शिफ्ट कर देंगे
 सरवटे स्टैंड के पास की एमएस होटल का ढहना शिक्षा विभाग के लिए सबक है। हम बारिश के पहले लगभग सभी जर्जर स्कूलों का मुआयना कर लेंगे। साथ ही सुधार कार्य करवाएंगे। जरूरत हुई तो कुछ स्कूलों को शिफ्ट करवा दिया जाएगा। सीके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
हम जल्द ही भवनों को सुधरवाएंगे
 यह सही है कि शहर के कई स्कूल भवनों की हालत खस्ता है। हमने सभी जेडओ को अपने-अपने इलाकों के स्कूल भवनों का सर्वे कर लिस्ट देने को कहा है। जरूरत के हिसाब से मेंटेनेंस और नया निर्माण किया जाएगा। दिवाकर गाड़े, एई नगर निगम