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दूरदर्शन का पत्रकार बनाने के नाम पर युवाओं से ठगी

3 वर्ष पहले
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इंदौर डीबी स्टार

मंगलवार को कुछ युवक नवलखा स्थित दूरदर्शन केंद्र पहुंचे। उनके हाथ में डीडी पत्रकार के रूप में चयनित होने का नियुक्ति पत्र था। उन्होंने निदेशक को पत्र सौंप कर ट्रेनिंग के बारे में जानकारी लेना चाही।

नियुक्ति पत्र देखकर दूरदर्शन केंद्र इंदौर के निदेशक का माथा ठनक गया। उन्हें पहली नजर में ही समझ आ गया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है, क्योंकि दूरदर्शन ने ऐसी कोई भर्ती निकाली ही नहीं है। न ही दिल्ली से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। नौकरी की आस लेकर आए युवकों से उन्होंने कहा, आपके साथ ठगी हुई है। हमारे यहां न तो कोई वैकेंसी है और न ही हमने कोई विज्ञप्ति निकाली है। आपके हाथ में जो नियुक्ति पत्र है वह फर्जी है। निदेशक की बात सुनकर ठगाए युवाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई।

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जब इंदौर दूरदर्शन केंद्र पर आवेदक नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे तो चौंक गए केंद्र निदेशक

इंदौर डीबी स्टार

मंगलवार को कुछ युवक नवलखा स्थित दूरदर्शन केंद्र पहुंचे। उनके हाथ में डीडी पत्रकार के रूप में चयनित होने का नियुक्ति पत्र था। उन्होंने निदेशक को पत्र सौंप कर ट्रेनिंग के बारे में जानकारी लेना चाही।

नियुक्ति पत्र देखकर दूरदर्शन केंद्र इंदौर के निदेशक का माथा ठनक गया। उन्हें पहली नजर में ही समझ आ गया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है, क्योंकि दूरदर्शन ने ऐसी कोई भर्ती निकाली ही नहीं है। न ही दिल्ली से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। नौकरी की आस लेकर आए युवकों से उन्होंने कहा, आपके साथ ठगी हुई है। हमारे यहां न तो कोई वैकेंसी है और न ही हमने कोई विज्ञप्ति निकाली है। आपके हाथ में जो नियुक्ति पत्र है वह फर्जी है। निदेशक की बात सुनकर ठगाए युवाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई।

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हजारों रुपए जमा कराने के बाद ठगाए युवक पहुंच रहे डीडी सेंटर

ठगी के जाल में ऐसे फंसे

दूरदर्शन में पत्रकार की नौकरी के नाम पर ठगाए युवक सोमेश चौहान ने डीबी स्टार को बताया कि उसने महीनेभर पहले दूरदर्शन एवं प्रसार भारती के नाम से जारी विज्ञापन पढ़ा था। इसमें लिखा था कि डीडी के किसान चैनल के लिए पत्रकारों की आवश्यकता है। आवेदक अपनी निजी जानकारी के साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की प्रतिलिपि के साथ फोटो पहुंचा दें। चौहान ने कहा, उसके सहित सैकड़ों लोगों ने आवेदन कर दिए। बिना इंटरव्यू सिर्फ मार्कशीट के आधार पर उनका चयन कर लिया। उन्हें सीधे नियुक्ति पत्र भेज दिए गए। साथ ही एसएमएस पर बैंक अकाउंट भेज कर बतौर सिक्युरिटी 15,540 रुपए जमा करने को कहा गया।

नौकरी के नाम पर प्रलोभन भी कैसे-कैसे

विज्ञापन में बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर कई तरह के प्रलोभन दिए गए। 18,000 रुपए मासिक वेतन के साथ ही नि:शुल्क ट्रेनिंग, पत्रकारिता डिप्लोमा, आवास सुविधा, मुफ्त इंटरनेट, कैमरा, लैपटॉप, मोबाइल, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, आने-जाने के टिकट, भोजन इत्यादि दिए जाने का लालच दिया गया। ऐसे में युवाओं को लगा कि एक बार 15,540 रुपए लग जाएंगे लेकिन हमेशा हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी, तो झांसे में आ गए।

विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं

 दूरदर्शन में रिपोर्टर का नियुक्ति पत्र देने वाले गिरोह की जानकारी से सीबीआई को अवगत करा दिया है। इंदौर पुलिस को भी हमने शिकायत की है। मामले की जानकारी सप्रमाण दिल्ली दूरदर्शन केंद्र को भी भेजी है। बेरोजगार युवाओं से कहना चाहते हैं कि दूरदर्शन ने किसान चैनल के लिए कोई भर्ती नहीं निकाली है। वह किसी विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं। विजेंद्र बरानिया, कार्यालय प्रमुख, दूरदर्शन केंद्र, इंदौर

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