आईआईटी कानपुर से स्नातक उत्कर्ष बागड़ी व दीपक चौधरी और सिम्बॉयसिस के छात्र रहे करनवीर सिंह ने एमपी परीक्षा नामक एप बनाया है। ग्रामीण बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस एप में प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड और एमपीपीएस की परीक्षाओं का सिलेबस है।
एप में इसी पर आधारित सभी विषयों के टेस्ट पेपर हैं। छात्र जब इन सवालों का जवाब देना शुरू करते हैं तो सही या गलत उत्तर के आधार पर एप खुद ही बच्चे का इंटेलीजेंस पावर पता कर लेता है। फिर उसी के आधार पर सरल या कठिन सवाल पूछता है। इस एप की मदद से करीब 1500 छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं।
गेम की तरह पूछे जाते हैं प्रश्न
आईआईटी कानपुर के छात्रों द्वारा गया बनाया एप मध्यप्रदेश की परीक्षाओं पर है फोकस
एमपी परीक्षा एप को स्मार्ट इंटेलीजेंस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन तीनों युवाओं द्वारा बनाए गए इंटेलीजेंस सिस्टम का देश के 270 इंजीनियरिंग कॉलेज में उपयोग हो रहा है। यह एप मोबाइल गेम की तरह काम करता है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी में पूछे गए सवालों के सही उत्तर देने पर छात्रों को प्वाइंट मिलते हैं। टेस्ट के नंबर और प्वाइंट का स्कोर 70 फीसदी से ज्यादा होने पर छात्रों को पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अब तक 117 छात्रों को यह राशि दी गई है। जल्दी ही मंथली टेस्ट भी शुरू होंगे, जिसमें अच्छे अंक पाने दस वाले छात्रों को कोचिंग करने के लिए 4 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी।