रिटायर्ड मेजर जनरल विजय मदान का कहना है कि आज वैश्विक राजनीतिक स्थितियां ऐसी बन गई हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध करना भारत के लिए संभव नहीं। इज़राइल ने हाल ही में फिलिस्तीन की गाज़ा पट्टी पर जो हमला किया, उसके कारण इज़राइल पर विश्व के देशों का गहरा दबाव है कि उसने यह गलत किया। इसलिए भारत, पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध नहीं लड़ सकता। और चीन के खिलाफ युद्ध करना भारत के लिए इसलिए घातक हो सकता है क्योंकि चीन की सैन्यशक्ति भारत से कई गुना बेहतर है। चीन के साथ दोस्ती ही फिलहाल बेहतर है। लेकिन भारत को तेज़ी से बदलते वैश्विक राजनीतिक समीकरणों के मद्देनज़र अपनी दीर्घकालीन सुरक्षा नीति बनाना चाहिए ताकि देश चारों ओर की सीमा पर सुरक्षित रह सके। दुनिया से आंखें मूंदकर सुरक्षा चुनौतियों से नहीं निपटा जा सकता। भारत सुरक्षा मामले में दलदल में फंसा हुआ है। यह बात उन्होंने जाल सभागृह में पड़ोसी देशों के संदर्भ में हमारी रक्षा चुनौतियां विषय पर कही। वे अभ्यास मंडल की 59वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में बोल रहे थे।
रिटायर्ड मेजर जनरल विजय मदान ने पड़ोसी देशों के संदर्भ में हमारी रक्षा चुनौतियां विषय पर कहा
सशक्त दीर्घकालीन नीति की ज़रूरत
उन्होंने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में कहा कि अमेरिकी मदद के कारण ही पाकिस्तान आज भारत को आंखें दिखा रहा है। उसके पास आणविक हथियार हैं और वह यह समझता है कि इसके कारण भारतीय सेना उसका कुछ नहीं कर सकती। आणविक हथियार सिर्फ डराने के लिए होते हैं और वह निरंतर षड़्यंत्र करता रहेगा। वह कभी भी धोखा दे सकता है। इसलिए भारत को पूरे आत्मविश्वास के साथ निपटना होगा। उसके साथ रहना भी सीखना होगा। चीन ने नेपाल, श्रीलंका, भूटान, म्यान्मार के साथ अपने संबंधों के कारण भारत के इर्दगिर्द जाल बिछाया। सिक्किम और तिब्बत में उसका प्रभाव है। मैं कहता हूं कि क्या आज देश सुरक्षित है? तो मेरा उत्तर हां है लेकिन क्या देश दीर्घकाल तक सुरक्षित रहेगा? तो मेरा उत्तर नहीं होगा। इसलिए यह निहायत ज़रूरी है कि भारत को सुरक्षा कारणों से अपनी एक सशक्त दीर्घकालीन नीति बनाना चाहिए।
देशहित के मददे्नज़र इज़राइल के साथ दोस्ती ज़रूरी
उन्होंने कहा सुरक्षा मामलों में भारतीय फौज के मुकाबले गैर फोजियों की राय को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। देश में सेकंड लार्जेस्ट कम्युनिटी को खुश रखने की कोशिश में इज़राइल जैसे देशों से दूरी बनाए रखे तो यह उचित नहीं होगा। राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। इसलिए इज़राइल के साथ भारत की दोस्ती बहुत ज़रूरी और महत्वपूर्ण है। अतिथि परिचय कर्नल आशीष मंगलूर ने दिया। संचालन सुनील मकोड़े ने किया। अजीत सिंह नारंग ने आभार माना।