महारानी ने किया था सबसे बड़े बाघ का शिकार
84 साल पहले इंदौर के आसपास काफी घना जंगल था। यहां कई वन्य प्राणी सामान्य रूप से दिखाई देते थे। बाघ और तेंदुआ भी अच्छी खासी तादाद में थे। होलकर महाराजाओं ने जिन बाघों का शिकार किया उनकी ट्रॉफी लालबाग में सुरक्षित है। इनमें 9 फीट लंबे सबसे बड़े बाघ का शिकार महारानी चंद्रावती होलकर ने किया था।
9 फीट 4 इंच लंबे बाघ का शिकार किया था महारानी चंद्रावती ने
डीबी स्टार. इंदौर
महाराजा यशवंतराव होलकर अक्सर पूर्वी क्षेत्र के जंगल में शिकार करने जाते थे। रालामंडल की पहाड़ी पर बनी शिकारगाह एेतिहासिक विरासत के तौर पर आज भी मौजूद है।
महाराजा के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला और शिकारी दल भी रहता था। कभी-कभी महारानी चंद्रवती होलकर भी उनके साथ शिकार के लिए जाती थीं। इसी शौक के चलते महारानी ने 7 मार्च 1934 को रालामंडल क्षेत्र में अपना पहला शिकार किया था। उन्होंने जिस जानवर का शिकार किया, वह उस समय का सबसे बड़ा बाघ था। इसकी लंबाई 9 फीट 4 इंच थी। यह बाघ आदमखोर हो गया था। वह दो साल से ग्रामीण इलाकों में आतंक फैला रहा था। बाघ के मारे जाने से सबसे ज्यादा खुशी ग्रामीणों को हुई। इस दौरे में महाराजा की शिकारी टोली ने 4 पैंथर, 1 सांभर, 2 जंगली सूअर तथा 32 ब्लैक डक का शिकार किया था। शिकार के ये आंकड़े बताते हैं कि इंदौर के जंगलों में प्राणियों की भरमार थी।