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म्यूज़ियम की सैर कर नज़दीक से जाना इतिहास

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | स्टूडेंट्स के लिए यह जानना रोचक और रोमांचक अनुभव था कि वे एक ऐसी जगह खड़े हैं जहां से सन् 1857 की क्रांति के दौरान रेसीडेंसी कोठी पर शहीद सआदत खां और भगीरथ सिलावट ने तोप से गोला दगा था। स्टूडेंट्स ने सेंट्रल म्यूज़ियम में इसके बारे में जानकारियां हासिल की और प्राचीन मूर्तियों को देखकर इतिहास को करीब से जानने की कोशिश की।

प्राचीन प्रतिमाओं का कला पक्ष भी जाना
इतिहास की समझ को बेहतर करने और इसके लिए जागरूकता पैदा करने लिए हिस्ट्री क्लब के मेंबर्स ने सेंट्रल म्यूज़ियम की यात्रा की। यह क्लब प. म. ब. गुजराती कला एवं विधि महाविद्यालय के इतिहास विभाग ने बनाया है। डॉ. शुभा ओझा और डॉ. सुशीम पगारे के नेतृत्व में स्टूडेंड्स ने म्यूज़ियम के संग्रहालय अध्यक्ष के. एल. डाभी ने जानकारी दी। स्टूडेंट्स ने सैकड़ों साल पुरानी कलाकृतियों को देखा और उनके महत्व को जाना। संग्रहालय में इंदौर के इतिहास से सम्बंधित साम्रगी भी प्रदर्शित है। स्टूडेंट्स नेे इसमें भी गहरी दिलचस्पी ली। इस दौरान इंडियन न्यूमिसमेटिक सोसायटी के डॉ. शशिकांत भट्ट भी मौजूद थे। उन्होंने सिक्कों से इतिहास को जानने के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने मूर्तियों के कला पक्ष की व्याख्या भी की। हिस्ट्री क्लब के अध्यक्ष चेतन बोरसी को सम्मानित किया गया। क्लब के सहसचिव आशीष पटवा ने आभार माना।

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