बसों का किराया सिर्फ 10 प्रतिशत बढ़ाए जाने से ज्यादातर बस संचालक खुश नहीं हैं। वे शासन से 40 फीसदी तक किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर उन्होंने संभाग स्तर पर 21 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी। परिवहन उपायुक्त संजय सोनी ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद से बढ़ा हुआ किराया लागू किया जाएगा। अभी सामान्य बसों का किराया जहां 92 पैसे प्रति किमी है, वहीं 10 प्रतिशत किराया बढ़ने के बाद यह करीब 1.01 रुपए प्रति किमी हो जाएगा। शासन द्वारा किराया बढ़ाए जाने की घोषणा किए जाने के बाद बस संगठनों में फूट पड़ गई। पहले जहां इंदौर संभाग के साथ अन्य संभागों और जिलों के बस संगठन भी हड़ताल के समर्थन की बात कर रहे थे, वहीं किराया बढ़ाए जाने के बाद गंगवाल बस स्टैंड के संगठन ने हड़ताल से इनकार कर दिया। हड़ताल में पहले ही एआईसीटीएसएल से चलने वाली और अधिकांश निजी ट्रेवल्स की आॅल इंडिया परमिट बसें शामिल नहीं थीं। बस ऑनर्स एसो. इंदौर संभाग के अध्यक्ष ब्रजमोहन राठी ने बताया संभाग के अधिकांश बस संगठन बसों की हड़ताल करेंगे। सरवटे, तीन इमली बस स्टैंड, जिंसी और रेलवे स्टेशन से चलने वाली बसें नहीं चलेंगी। उज्जैन और देवास के बस संचालकों ने भी बसें नहीं चलाने की बात कही है।
इस तरह बढ़ेगा किराया
शहर दूरी मौजूदा संभावित
भोपाल 190 175 192
बुरहानपुर 200 184 202
बड़वानी 151 139 153
उज्जैन 56 52 57
सेंधवा 151 139 153
देवास 36 33 37
रतलाम 130 120 131
खंडवा 130 120 131
धार 65 60 66
(इंदौर से उक्त शहरों की दूरी और मौजूदा किराया प्राइम रूट बस ऑनर्स एसो. के मुताबिक)
लग्जरी बसों में ज्यादा किराया देना होगा
नया किराया घोषित होने पर आम बसों के साथ ही लग्जरी बसों में भी यात्रियों को और ज्यादा किराया चुकाना होगा, जो पहले की ही तरह सामान्य बसों से ज्यादा होगा। शासन के नियमानुसार रात में चलने वाली बसों में सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा किराया देना होगा। इसी तरह डीलक्स नॉन एसी में 25 प्रतिशत, स्लीपर में 40 प्रतिशत, डीलक्स एसी बस में 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी में 75 प्रतिशत ज्यादा किराया देना होगा। सुपर लग्जरी बसों में एआईसीटीएसएल की भोपाल व अन्य मार्गों पर चलने वाली बसें शामिल हैं।
हड़ताल को लेकर बस संचालकों से जारी है बातचीत
आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी ने बताया कि शासन ने बसों का किराया 10 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा कर दी है, नोटिफिकेशन जारी होने के साथ यह लागू हो जाएगा। बस संचालकों से हड़ताल वापस लेने को लेकर चर्चा की है, कई बस संचालक हड़ताल से समर्थन भी वापस ले चुके हैं, बाकी से भी बात की जा रही है। यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।