अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पंचकुइया में रविवार से आठ दिनी 108 कुंडीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की शुरुआत रविवार को शंखध्वनि और मंत्रोच्चार की गूंज के बीच हुई। पहले दिन 35 समाजों के 500 से ज्यादा जोड़ों ने आहुतियां दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा भी की।
यज्ञ में 500 से ज्यादा जोड़ों ने आहुतियां दीं। सुबह-शाम दो सत्रों में महायज्ञ हुआ। महायज्ञ में आठ दिनो में 3 लाख से ज्यादा जाप भी किए जाएंगे। महायज्ञ में यज्ञाचार्य मोहन व्यास ने संबोधित किया। 108 ब्राह्मणों के सान्निध्य में यह यज्ञ हुआ। संस्था सृजन द्वारा आयोजित महायज्ञ प्रतिदिन सुबह 8 से 11 और दोपहर 3 से 6 बजे तक होगा। आयोजक कमलेश खंडेलवाल ने बताया महायज्ञ में कोई भी श्रद्धालु आहुतियां दे सकता है। आठ दिनों में 172 समाज के 6500 जोड़े आहुतियां देंगे।
किष्किंधा धाम पर भागवत 27 से- रंगवासा रोड राऊ स्थित किष्किंधा धाम पर डाकोर के स्वामी देवकीनंदनदास महाराज की भागवत कथा 27 मई से 2 जून तक होगी। राजेंद्र गर्ग ने बताया दोपहर 3 बजे से शोभायात्रा निकलेगी। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक होगी।
महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहले दिन तीन लाख से ज्यादा आहुतियां दीं।
परशुरामजी ने श्रेष्ठ जीवन जीने की पद्धति को प्रेरित करने का दिया उपदेश : पं. शर्मा
आधुनिक समय में हमारी संस्कृति अनेक प्रकार के संक्रमण के दौर से गुजर रही है। ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा पूरी दुनिया को देने वाले हमारे भारत में हम अपने स्वयं ज्ञान से दूर होते जा रहे हैं। संपूर्ण भारत को सभ्यता और संस्कृति की पहचान भगवान परशुराम ने दी है। भगवान परशुराम ने समाज के प्रत्येक वर्ग को समृद्ध व श्रेष्ठ जीवन जीने की पद्धति को प्रेरित करने का उपदेश दिया। यह बात राष्ट्रीय एकता परिषद के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने पंचकुइया स्थित श्रीराम मंदिर आश्रम में आयोजित 108 भागवत पारायण व चार दिनी परशुराम कथा के पहले दिन कही। सुबह 9 से 12 बजे और दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक पारायण हो रहा है।
रुक्मिणी विवाह उत्सव आज- विद्याधाम में चल रही भागवत कथा के दौरान नंदोत्सव मनाया गया। सोमवार को रुक्मिणी विवाह उत्सव मनेगा। पं. राहुलकृष्ण शास्त्री कथा कर रहे हैं। 23 मई को प्रातः 9 बजे यज्ञ एवं हवन के साथ पूर्णाहुति होगी।
गीताभवन में शोभायात्रा के साथ शुरू हुई भागवत कथा
गीताभवन में श्री प्राणनाथ संस्था, सेठ बखतराम बच्छराज भंडारी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा की शुरुआत रविवार को शोभायात्रा के साथ हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा में पं. हेमंतभाई भंडारी ने कहा- बुद्धि के विचलन को स्थिर करती है भागवत कथा। आयोजन समिति की ओर से सुशीलादेवी भंडारी, वीणा-दिलीप केजरीवाल ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा प्रतिदिन दोपहर 3.30 से 6.30 बजे तक होगी। उधर, श्री केंद्रीय सांई सेवा समिति द्वारा छत्रपति नगर में आयोजित कथा में रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। सुनील शास्त्री 22 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक कथा सुनाएंगे।
सिखवाल मोहल्ला में सिखवाल ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा की शुरुआत शोभायात्रा के साथ हुई। कथा श्याम चैतन्यपुरी महाराज द्वारा प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक 27 मई तक की जोगी। घनश्याम पांडे, प्रहलाद पांडे, गीतेश पांडे, सतीश पांडे और विजय पंड्या ने व्यासपीठ का पूजन किया।