रात में मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी, डॉक्टर बोले- मेरी ड्यूटी नहीं है
मरीज को रात में ऑक्सीजन लगाने की जरूरत पड़ी। नर्स ने रोस्टर देखकर डॉ. अनिल को फोन किया तो जवाब मिला कि उनकी ड्यूटी नहीं है। वे दो दिन पहले ही एक महिला डॉक्टर की जगह नाइट ड्यूटी कर चुके हैं।
यह घटना 12 व 15 मई को मनोरमा राजे टीबी अस्पताल की है। यहां इन दो दिन रात के समय डॉक्टर ड्यूटी पर थे ही नहीं। पता चला कि यहां रोस्टर के मुताबिक कोई ड्यूटी नहीं करता। लोग एक-दूसरे से ड्यूटी एक्सचेंज करते रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधीन इस अस्पताल में फेफड़े की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज आते हैं, लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टर ही नहीं मिलते। स्टाफ सीधे एमवायएच रेफर कर देता है।
रात में ड्यूटी का विशेष भत्ता
यहां पदस्थ सभी डॉक्टरों को रात में ड्यूटी करने पर विशेष भत्ता मिलता है। नियमों के तहत 500 रुपए प्रति नाइट का प्रावधान है, लेकिन डॉक्टर्स अपनी ड्यूटी जूनियर डॉक्टरों से कराते हैं। वहीं नर्सिंग स्टाफ के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
दो क्षय रोग विशेषज्ञ
संभागीय संयुक्त संचालक के अधीन इस अस्पताल में दो क्षय रोग विशेषज्ञ हैं। उसमें भी एक अवकाश पर है। अन्य एमबीबीएस डॉक्टर्स हैं। एक ईएनटी डॉक्टर पदस्थ है, जो डॉक्टर्स हैं वह इमरजेंसी कॉल पर नहीं आते। सवाल-जवाब पर स्टाफ क्वार्टर की मांग शुरू हो जाती है। संयुक्त संचालक डॉ. एस पोरवाल के मुताबिक, मेरी जानकारी में यह मामला नहीं आया है। यदि इस तरह की परेशानी आ रही होगी तो व्यवस्था को दुरुस्त कराएंगे। इस तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए।