1 जनवरी से मिलेगी वाहन के साथ हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट
1 जनवरी 2019 से देश के सभी वाहन निर्माताओं को वाहन के साथ में हाई सिक्युरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) भी देना होगी। यह ब्लैंक होंगी जो वाहन के साथ वाहन डीलर के पास पहुंचेगी। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन होने पर डीलर को इन प्लेटों पर नंबर एम्ब्रोस और प्रिंट करके देना होंगे। यह व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन मालिक को अलग से नंबर प्लेट बनवाने नहीं जाना पड़ेगा। इससे मप्र जैसे राज्यों में जहां एचएसआरपी की व्यवस्था बंद हो चुकी है, वहां दोबारा यह शुरू हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी वाहनों पर हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन मप्र सहित देश के कई राज्यों में लंबे समय से इसका पालन नहीं हो पा रहा है। क्योंकि वाहनों में एचएसआरपी लगाने का काम निजी कंपनियों को दिया गया है। इसे देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है।
प्रदेश में कंपनी की नियुक्ति नहीं
मप्र में फरवरी 2012 से उत्सव लिंक कंपनी ने वाहनों में एचएसआरपी लगाने का काम शुरू किया था। शिकायतों के चलते शासन ने कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया। 18 अक्टूबर 2014 के बाद से प्रदेश में वाहनों पर एचएसआरपी लगना बंद हो चुकी है। अब नई व्यवस्था में शासन को कंपनी नियुक्त करने की जरूरत नहीं होगी और वाहन डीलर यह काम करेंगे।
15 साल तक खराब नहीं होगी प्लेट
पहले जहां नंबर प्लेट कम से कम 5 साल तक चलने की बात कही थी, वहीं नए नोटिफिकेशन में इसे बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया है। इससे क्वालिटी में खासा सुधार होगा। इसके साथ ही डीलर को पुराने वाहनों पर भी एचएसआरपी लगाने की छूट दी गई है। जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं लगी है वे वाहन भी इन्हें लगवा सकेंगे। आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी का कहना है कि फाइनल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इस पर काम भी शुरू हो जाएगा। इससे आम लोगों के साथ ही विभाग को भी सुविधा होगी। साथ ही कार्रवाई में भी आसानी होगी, क्योंकि फैंसी नंबर लिखी गाड़ियों के नंबर आरएलवीडी कैमरों में दर्ज नहीं हो पाते हैं।
एयरपोर्ट पर लगी वेइंग
मशीन, यात्रियों ने खुद
किया सामान का वजन
इंदौर | एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बुधवार को वेइंग मशीन लगाई गई। यात्रियों ने चेक-इन काउंटर्स के पहले ही इस मशीन पर सामान का वजन किया। यात्रियों को अब तक सामान के वजन की जानकारी चेक-इन काउंटर पर जाने पर मिलती थी। सामान तय सीमा से ज्यादा वजन का होने पर एयर लाइंस उनसे अतिरिक्त शुल्क मांगती है या सामान को कम करने को कहती है। इस पर अकसर यात्री काउंटर पर ही सामान शिफ्ट करने लगते हैं या शुल्क देने को लेकर बहस की स्थिति बनती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने बताया कि मशीन लगने से अब ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। इसका उद्घाटन लेखिका डॉ. हेमलता दिखित ने किया। वहीं, एयरपोर्ट पर आने वाले यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव एक एप के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट डायरेक्टर तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए प्रबंधन आइडिया बॉक्स नाम से एप बनवा रहा है।