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बदमाश ने बैंक अफसर बन पूछा तो बैंक के मैनेजर ने बता दिया क्रेडिट कार्ड व सीवीवी नंबर, खाते से निकले 65 हजार
बैंक वाले आमजन को समय-समय पर सचेत करते रहते हैं कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचें। अनजान व्यक्ति को अपना क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, पासवर्ड न बताएं, लेकिन शहर में एक बैंक के सीनियर मैनेजर ही इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हो गए। उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर बदमाशों ने 65 हजार रुपए की खरीदारी कर ली। एमआईजी टीआई विजय सिसौदिया ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के सीनियर मैनेजर राजेंद्र भंडारी (60) निवासी गोयल नगर ने मंगलवार को शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उन्होंने गुवाहाटी का टूर प्लान किया था। इसके लिए उन्होंने गूगल पर सर्च कर टूर और होटल की जानकारी ली थी। इसी दौरान उन्होंने कई टूर एंड ट्रेवल्स वालों से मोबाइल के जरिए संपर्क किया। 16 अप्रैल को उन्हें किसी विकास मिश्रा ने मोबाइल नंबर 9851724220 से कॉल कर खुद को गुवाहाटी बैंक ऑफ बड़ौदा से होना बताकर संपर्क किया और उनके टूर पैकेज के बुक किए जाने को लेकर जानकारी दी।
हॉलिडे होम बुक कराया था, उसी के नाम पर ली जानकारी
भंडारी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गुवाहाटी में हॉलिडे होम बुक कराया था। इसी नाम पर उक्त व्यक्ति ने कहा कि आप जो टूर पैकेज सिलेक्ट कर रहे हैं, उसका पेमेंट क्रेडिट कार्ड से करेंगे तो 500 रुपए का डिस्काउंट ऑफर मिलेगा। इस पर उन्होंने उसे क्रेडिट कार्ड नंबर बता दिया। उसने कार्ड का सीवीवी कोड पूछा तो वह भी दे दिया। इसके बाद आरोपी ने उनसे मोबाइल पर आया पासवर्ड भी पूछ लिया तो वो भी बता दिया। कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर पांच मैसेज आए, जिनमें से बाहरी देश से शाॅपिंग किए जाने की डिटेल थी। इस तरह उनके क्रेडिट कार्ड के खाते से 65 हजार रुपए निकाले जा चुके थे। उन्होंने तुरंत कार्ड को ब्लॉक करवाया और पुलिस से शिकायत की।
बड़ा सवाल : आखिरकार कहां से लीक हुआ डेटा?
भंडारी ने बताया वे जानते थे कि इस तरह की धोखाधड़ी होती है लेकिन आरोपी ने उन्हें बैंक का ही होना बताकर जाल में फंसा लिया। इस वारदात में बड़ा सवाल ये भी है कि आखिर भंडारी का डेटा लीक कहां से हुआ? हो सकता है उन्होंने अपना मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य जानकारियां इंटरनेट पर टूर पैकेज सर्च करने के दौरान डाली थी, जो ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह ने जुटा ली होगी।