पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पोते की बारात के एक दिन पहले दादा की मौत, पिछले दरवाजे से निकली शवयात्रा

पोते की बारात के एक दिन पहले दादा की मौत, पिछले दरवाजे से निकली शवयात्रा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | इंदौर/शिप्रा

पोते की शादी के कार्यक्रम में दादा काफी खुश नजर आ रहे थे, लेकिन पोता बहू को घर लेकर आता, इससे पहले ही दादा को दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार को बारात निकलना थी। सारी तैयारियां हो चुकी थीं, इसलिए ग्रामीणों ने आपसी सामंजस्य से तय किया और दूल्हा बने पोते को घर के अगले दरवाजे से बाहर ले जाकर गांव के श्रीराम मंदिर में बैठाया। वहीं पिछले दरवाजे से दादा की शवयात्रा ले जाकर अंतिम संस्कार किया।

मंगलवार को ग्राम खांकरोड में केवल सिंह की बुधवार को बारात जाना थी, जिसकी सभी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं। दूल्हे के दादा भगवान सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं था। वे अपने पोते की शादी देखने का सपना कई सालों से संजोए बैठे थे और आखिर वो मौका आ गया, जब वे अपनी बहू को लाने वाले थे। लेकिन बारात जाने के एक दिन पहले ही भगवान सिंह को दिल का दौरा पड़ गया। दादा की मौत की खबर सुनते ही दूल्हा बना पोता भी सन्न रह गया। चूंकि बारात और फेरों से पहले की सभी वैवाहिक रस्में पूरी हो चुकी थीं, इसलिए ग्रामीणों ने दादा का अंतिम संस्कार किया। वहीं गमगीन माहौल के बीच बुधवार सुबह बारात रवाना हुई।

भास्कर संवाददाता | इंदौर/शिप्रा

पोते की शादी के कार्यक्रम में दादा काफी खुश नजर आ रहे थे, लेकिन पोता बहू को घर लेकर आता, इससे पहले ही दादा को दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार को बारात निकलना थी। सारी तैयारियां हो चुकी थीं, इसलिए ग्रामीणों ने आपसी सामंजस्य से तय किया और दूल्हा बने पोते को घर के अगले दरवाजे से बाहर ले जाकर गांव के श्रीराम मंदिर में बैठाया। वहीं पिछले दरवाजे से दादा की शवयात्रा ले जाकर अंतिम संस्कार किया।

मंगलवार को ग्राम खांकरोड में केवल सिंह की बुधवार को बारात जाना थी, जिसकी सभी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं। दूल्हे के दादा भगवान सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं था। वे अपने पोते की शादी देखने का सपना कई सालों से संजोए बैठे थे और आखिर वो मौका आ गया, जब वे अपनी बहू को लाने वाले थे। लेकिन बारात जाने के एक दिन पहले ही भगवान सिंह को दिल का दौरा पड़ गया। दादा की मौत की खबर सुनते ही दूल्हा बना पोता भी सन्न रह गया। चूंकि बारात और फेरों से पहले की सभी वैवाहिक रस्में पूरी हो चुकी थीं, इसलिए ग्रामीणों ने दादा का अंतिम संस्कार किया। वहीं गमगीन माहौल के बीच बुधवार सुबह बारात रवाना हुई।

खबरें और भी हैं...