कविता की स्कूटी रखते समय आरोपी का स्टैंड संचालक से हुआ था विवाद
कविता रैना हत्याकांड की अंतिम बहस के दूसरे दिन बुधवार को ट्रायल कोर्ट में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई 16 मिनट की सीडी चली। इसमें दिखा कि आरोपी उस दिन इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर उस समय के सीसीटीवी फुटेज मांगने गया था, जब दुकान के सामने कविता खड़ी रहती थी। अंतिम बहस के दूसरे दिन एजीपी निर्मल कुमार मंडलोई ने ट्रायल के दौरान हुए गवाहों के कथनों का वर्णन बताया। नौलखा स्थित जिस स्टैंड पर कविता की स्कूटी रखी गई थी वह आरोपी महेश बैरागी रखने गया और स्टैंड संचालक ने कहा था कि वह गाड़ी का लॉक नहीं लगाए। इस पर दोनों में बहस हुई थी। सरकारी वकील ने कहा- इसी कारण स्टैंड संचालक को आरोपी की शक्ल याद रह गई। एजीपी ने कहा कि कविता रोज बच्ची को लेने जाती थी और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के सामने खड़ी होती थी।
बोरी में छह टुकड़ों में मिला था शव
कविता 24 अगस्त 2015 को लापता हुई थी और उसी दिन उसके पति संजय रैना ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 26 अगस्त 2015 को कविता की बोरे में बंद छह टुकड़ों में लाश तीन पुलिया के नीचे पाई गई थी। उसी दिन आरोपी महेश बैरागी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर दुकानदार से उस समय का सीसीटीवी फुटेज मांगने गया था, जिस समय कविता उसकी दुकान के सामने खड़ी हुई थी। सरकारी वकील ने कहा- दुकानदार ने फुटेज देने से मना कर दिया था। एजीपी मंडलोई के मुताबिक बुधवार को यही सीडी कोर्ट ने देखी। शाम 6.16 बजे से शाम 6.30 बजे तक के बीच की इस सीडी में आरोपी महेश इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर जाते और आते दिखाई दिया। जांच के बाद पुलिस ने उसे 9 दिसंबर 2015 को कविता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
मौसेरी बहन को किया गायब, पता नहीं चला
एजीपी मंडलोई के मुताबिक अंतिम तर्क में उन्होंने कोर्ट को यह भी कहा कि आरोपी की दुकान पर काम करने वाले नौकर ने बयान दिया है कि आरोपी ने अपनी मौसी की बेटी को भी गर्भवती कर दिया और बाद में उसे गायब कर दिया। उसका अब तक पता नहीं चल सका है।