हाई कोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए हैं, लेकिन चीफ जस्टिस के अनुरोध पर जजेस एक सप्ताह तक पुराने मामलों की सुनवाई करेंगे। जमानत, सजा के लंबित मामले इस अवधि में रखे जाएंगे। हालांकि वकील इस निर्णय से थोड़े नाखुश हैं। वकीलों का कहना है कि उन्हें समय रहते इसकी जानकारी मिल जाती तो तैयारी कर लेते। कई वकील भी छुट्टी मनाने चले गए हैं। अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक छुट्टी के दिनों में सुनवाई का प्लान महीनेभर पहले वकीलों को बता दिया जाना चाहिए था। छुट्टी शुरू होने के पहले सप्ताह के बजाय एक सप्ताह पहले अवकाश समाप्त कर दिए जाते तो भी ज्यादा बेहतर होता। छुट्टी के दिनों में यह किया जा सकता है कि जिन मामलों में सरकार को जवाब पेश करना है वह तैयार कर लिए जाएं ताकि अवकाश समाप्त होते ही सीधे सुनवाई हो जाए। अवकाश समाप्त होने के बाद जवाब पेश होंगे तो सुनवाई जुलाई में होगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश में जस्टिस जेके माहेेश्वरी इंदौर खंडपीठ में सुनवाई करेंगे। सोमवार से उनकी खंडपीठ लगना शुरू हो गई। उनकी डिविजन बेंच के साथ-साथ सिंगल बेंच भी रहेगी। वैसे उनकी नियमित खंडपीठ ग्वालियर है।