25 दिन से लापता एक युवती को हाई कोर्ट के समक्ष पेश किए जाने को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। खाली हाथ आई पुलिस ने जब कुछ लोगों से पूछताछ किए जाने की बात कही तो कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि पुलिस बच्ची और युवतियों के मामले में इतनी उदासीन कैसे हो सकती है? हाई कोर्ट ने 24 मई को जानकारी देने के लिए एसपी को तलब किया है।
जस्टिस जेके माहेश्वरी की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका की सुनवाई हुई। पायल नामक युवती के परिजन ने एक युवक द्वारा उसे ले जाने की नामजद शिकायत कर रखी है। परिजन ने अधिवक्ता मोहन सिंह चंदेल के जरिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगा रखी है। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर पुलिस को आदेश दिए थे कि सोमवार तक युवती की तलाश कर उसे पेश किया जाए, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर पाई। अधिवक्ता चंदेल ने कोर्ट को बताया कि पुलिस शुरू से ही जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।