पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से होता है भगवान का अपमान : गिरीशानंद

किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से होता है भगवान का अपमान : गिरीशानंद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंदौर| इंद्रियों पर संयम करने से जीवन मिश्री जैसा मधुर बन जाता है। जिसके जीवन में कड़वाहट हो उसकी भक्ति भगवान को प्रिय नहीं लगती है। किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से भगवान का अपमान होता है। शंकराचार्य मठ के प्रभारी डॉ. गिरीशानंदजी महाराज ने यह बात सोमवार को नगीन नगर में शंकराचार्य भक्त मंडल द्वारा अधिकमास आयोजित रामचरित मानस मास पारायण पर आधारित प्रसंगों पर व्याख्यान में कही। व्याख्यान प्रतिदिन रात 8 से 9 बजे तक चल रहे हैं। इस अवसर पर शंकराचार्य भक्त मंडल के बालकृष्ण चौकसे, मनोज चौधरी और राजेश शर्मा ने रामायण-ग्रंथ का पूजन किया। व्याख्यान के बाद आरती और प्रसाद वितरण हुआ।

खबरें और भी हैं...